Flydubai Flight Plunges 17,000 Feet Following Mid-Air Cockpit Attack

आसमान में उड़ते हुए विमान के भीतर जब अप्रत्याशित संकट आता है, तो यात्रियों और चालक दल की सांसें थम जाना स्वाभाविक है। हाल ही में दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरी दुनिया की एविएशन इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया है। एक मामूली उड़ान उस समय दहशत का पर्याय बन गई जब कॉकपिट के अंदर ही हिंसा भड़क उठी।
फ्लाईदुबई उड़ान में कॉकपिट हमला और 17 हजार फीट की खतरनाक गिरावट
बुधवार, 1 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई का एक विमान 174 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ आसमान में अपनी तय ऊंचाई पर आगे बढ़ रहा था। तभी कॉकपिट के भीतर अचानक सह-पायलट ने मुख्य पायलट पर हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित संघर्ष के दौरान विमान का नियंत्रण बिगड़ गया और उसने महज दो मिनट के भीतर लगभग 17,000 फीट की भारी गिरावट दर्ज की। विमान करीब 12 मिनट तक एक अत्यंत खतरनाक और अनियंत्रित स्थिति में हवा में झूलता रहा।
भारतीय कैप्टन की बहादुरी और यात्रियों का साहस
इस गंभीर संकट के समय विमान के कैप्टन स्मिथ मच्छड़ (Captain Smit Machchhar) ने अदम्य साहस का परिचय दिया। 17 वर्षों के लंबे अनुभव वाले भारतीय मूल के कैप्टन मच्छड़ पर हमले के दौरान चाकू से वार किए गए, जिससे वे घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हहारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर अंदर मदद पहुंचाई।
इस संकट की घड़ी में विमान में मौजूद अन्य लोगों ने भी असाधारण सूझबूझ दिखाई। दो अन्य गैर-ड्यूटी पर मौजूद यूरोपीय पायलटों के साथ-साथ एक प्लंबर यानिव हयौन और दंत चिकित्सक डॉ. शोता मुसाएव ने मिलकर हमलावर सह-पायलट को काबू में किया। सभी के सामूहिक प्रयासों से विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल किया जा सका और एक बड़ा विमान हादसा टल गया।
जांच और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
हमले को अंजाम देने वाले सह-पायलट को, जो कि एक ओमानी नागरिक है, सऊदी अरब के तबुक में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे आगे की पूछताछ के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ट्रांसफर कर दिया गया है। यूएई के अटॉर्नी-जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने इस बात की औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं कि क्या इस घटना के पीछे कोई आतंकी साजिश या सुनियोजित षड्यंत्र था।
घायल कैप्टन स्मिथ मच्छड़ को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की गई, और भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि उनकी स्थिति अब स्थिर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए अबू धाबी भेज दिया गया है। इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद, फ्लाईदुबई ने एहतियात के तौर पर दुबई और तेल अवीव के बीच अपनी सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।