Flydubai flight incident: Omani pilot background check under scanner

हाल ही में तेल अवीव जाने वाली एक कमर्शियल उड़ान के दौरान हुए सनसनीखेज हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं हैं। इस मामले में एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने कहा है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आने तक कोई भी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की जाएगी। जांचकर्ताओं का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि क्या फ्लाईदुबई (flydubai) फ्लाइट एफजेड1073 के ओमान के रहने वाले को-पायलट की पृष्ठभूमि की जांच में कोई बड़ी चूक हुई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही यह पुष्टि कर दी थी कि को-पायलट कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित था। इसी सह-पायलट ने उड़ान के दौरान कैप्टन स्मीथ मच्छार पर हमला करने की कोशिश की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक वरिष्ठ अधिकारी से यह सवाल पूछा गया कि क्या वेंटिंग प्रक्रिया में कोई लापरवाही हुई थी, तो उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के बयान का हवाला दिया और कहा कि मामले की गहराई से जांच चल रही है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक पूरी तस्वीर साफ नहीं हो जाती, तब तक जांच से जुड़े अहम विवरण रोक कर रखे जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी सुरक्षा चूक भविष्य में दोबारा न हो। उन्होंने यह भी बताया कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
जब कॉकपिट में हथियार ले जाने और कथित तौर पर आपातकालीन उपकरण के इस्तेमाल को लेकर सवाल किया गया, तो अधिकारी ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, इजराइल की सख्त विमानन सुरक्षा प्रणाली पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश में आने-जाने वाली सभी उड़ानों के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू हैं। यात्रियों की कड़ी जांच से लेकर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा साझेदारियों तक, हर स्तर पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है.
फिलहाल यूएई, सऊदी अरब और इजराइल की सुरक्षा एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। क्षेत्रीय उड़ानों को लेकर अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के कड़े उपायों के बीच स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।