Flydubai flight pilot attack: 180 lives saved after mid-air cockpit struggle
Read how Indian captain Smit Machchhar and passengers saved 180 lives after a cockpit attack on a Flydubai flight to Tel Aviv.

आसमान में उड़ान भर रहे एक विमान के भीतर जो कुछ हुआ, उसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में एक भयावह वाकया सामने आया, जहां कॉकपिट के भीतर ही जानलेवा हमला हो गया। गनीमत यह रही कि सूझबूझ और बहादुरी के दम पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया और विमान में सवार सभी 180 लोगों की जान बचा ली गई। इस रोमांचक और दहला देने वाली घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
34 हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक मचा हड़कंप
घटना 30 सितंबर 2026 की है, जब फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी। इस बोइंग 737 मैक्स 8 विमान में 174 यात्रियों और 6 क्रू मेंबर सहित कुल 180 लोग सवार थे। उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी, तभी सऊदी-जॉर्डन सीमा के पास लगभग 34,000 फीट की ऊंचाई पर अचानक विमान ने बेहद तेजी से नीचे की ओर गोता लगाना शुरू कर दिया। महज एक मिनट के भीतर विमान 17,000 फीट की ऊंचाई पर आ गया और इसकी रफ्तार 600 मील प्रति घंटा तक पहुंच गई। विमान से एमरजेंसी कोड जारी होने के बाद हड़कंप मच गया और इजरायली वायु सेना को भी अपने लड़ाकू विमान रवाना करने पड़े।
कॉकपिट के भीतर खूनी संघर्ष
जांच में खुलासा हुआ कि विमान के कॉकपिट के भीतर एक भयानक संघर्ष चल रहा था। को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मीथ मच्छड़ पर एक नुकीली चीज से अचानक हमला कर दिया। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। विमान में सवार यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने असाधारण साहस का परिचय दिया। एक यात्री के सतर्क होने और कैप्टन द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद, अन्य पायलटों और यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस सनसनीखेज घटना के बाद हमलावर के पिछले रिकॉर्ड की जांच शुरू हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर ओमान का नागरिक था जिसे पहले सुरक्षा चिंताओं और कट्टरपंथी विचारधारा के कारण निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, वह फ्लाईदुबई तक कैसे पहुंचा, यह अभी भी जांच का विषय बना हुआ है। इस बीच, घायल भारतीय कैप्टन स्मीथ मच्छड़ की बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है। इस घटना के बाद क्षेत्रीय उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।