Flydubai विमान में खूनी संघर्ष: को-पायलट ने कैप्टन पर किया हमला, भारतीय पायलट बना हीरो

दुबई से तेल अवीव जा रहे Flydubai के विमान FZ 1073 में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए हिंसक संघर्ष के बाद, विमान को आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। बुधवार, 30 सितंबर 2026 की शाम को एक रिप्लेसमेंट फ्लाइट यात्रियों को लेकर बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गई। इस पूरी घटना ने विमान में सवार यात्रियों और चालक दल की जान जोखिम में डाल दी थी।
क्या हुआ था उस खौफनाक सुबह?
घटना सुबह करीब 9:45 बजे की है, जब दुबई से रवाना हुआ बोइंग 737 MAX 8 विमान अचानक सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर लैंड करने को मजबूर हो गया। बताया जा रहा है कि विमान में अचानक भारी गिरावट आई और यह महज 30 सेकंड से दो मिनट के भीतर 14,000 से 17,000 फीट तक नीचे गिर गया। स्थिति इतनी गंभीर थी कि विमान ने इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड 7700 और 7500 जारी किए, जिसके बाद इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों को भी तैनात करना पड़ा।
भारतीय पायलट की बहादुरी ने टाला बड़ा हादसा
इस हमले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मछ्छर की रही। रिपोर्ट के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया था। इस हमले के दौरान विमान को क्रैश होने से बचाने के लिए कैप्टन और अन्य यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू में किया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद हवाई अड्डे पर पहुंचकर यात्रियों का स्वागत किया और घायल कैप्टन स्मित मछ्छर से मुलाकात की। नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी की जमकर सराहना करते हुए कहा कि उनके साहस ने एक बड़ी आपदा को टाल दिया।
आतंकी हमले की आशंका और जांच जारी
इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने इस घटना को "जिहादी आतंकवादी हमले का प्रयास" करार दिया है। संदिग्ध हमलावर, जो एक ओमान निवासी बताया जा रहा है, को सऊदी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
घटनाक्रम की मुख्य बातें:
- विमान का विवरण: Flydubai फ्लाइट FZ 1073 (बोइंग 737 MAX 8)।
- हमलावर: को-पायलट, जिसे सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है।
- बहादुर यात्री: भारतीय कैप्टन स्मित मछ्छर, जिन्हें घायल अवस्था में सम्मानित किया गया।
- विमान की स्थिति: अचानक ऊंचाई में भारी गिरावट दर्ज की गई।
Flydubai ने पुष्टि की है कि फ्लाइट डेक में संघर्ष हुआ था और ड्यूटी पर न होने वाले चालक दल के सदस्यों ने विमान को सुरक्षित करने में मदद की। अमेरिकी राजदूत माइक हकेबी ने भी इस घटना की गंभीरता को स्वीकार करते हुए उन पायलटों और यात्रियों की प्रशंसा की जिन्होंने कॉकपिट पर नियंत्रण वापस पाने के लिए जान की बाजी लगा दी।