हवा में मची तबाही! फ्लाईदुबई ने इजरायल के लिए उड़ानें रोकीं, विमान में हुआ बड़ा हमला

दुबई की प्रमुख एयरलाइन Flydubai ने इजरायल के लिए अपनी सभी उड़ानों को अगले छह दिनों के लिए निलंबित करने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम 30 सितंबर, 2026 को उड़ान संख्या FZ1073 के दौरान हुई एक बेहद गंभीर और डरावनी सुरक्षा घटना के बाद उठाया गया है। विमान के भीतर हुई इस हिंसक झड़प ने विमानन जगत को हिलाकर रख दिया है।
क्या हुआ था उस डरावनी उड़ान में?
जानकारी के अनुसार, बोइंग 737 MAX 8 विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। इस विमान में 174 यात्री (जिनमें 27 बच्चे शामिल थे) और 6 क्रू सदस्य सवार थे। जब विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में जॉर्डन सीमा के पास था, तभी कॉकपिट के भीतर एक भीषण संघर्ष शुरू हो गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक 34,000 फीट से गिरकर महज एक मिनट के भीतर 17,000 फीट पर आ गई। विमान ने आपातकालीन स्थिति (Squawk 7700) और अवैध हस्तक्षेप (Squawk 7500) के कोड प्रसारित किए, जिसके बाद इजरायल वायु सेना को तुरंत लड़ाकू विमान तैनात करने पड़े।
विमान को कैसे बचाया गया?
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कथित तौर पर फर्स्ट ऑफिसर ने विमान को हाईजैक करने या क्रैश करने के इरादे से कैप्टन पर हमला कर दिया। हालांकि, विमान में मौजूद यात्रियों, ड्यूटी पर तैनात पायलटों और केबिन क्रू ने मिलकर हिम्मत दिखाई और फर्स्ट ऑफिसर को काबू में कर लिया। अंततः, विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
- घायलों की स्थिति: दोनों पायलटों को चोटें आईं और उन्हें सऊदी अरब में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- सुरक्षित यात्री: राहत की बात यह है कि विमान में सवार सभी 180 लोग सुरक्षित हैं।
- जांच जारी: यूएई की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GCAA) और सऊदी अरब का नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी सेंटर मामले की गहन जांच कर रहे हैं।
सुरक्षा कारणों से उड़ानें निलंबित
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने इस घटना को एक "आतंकवादी हमला" करार दिया है। शिन बेट (Shin Bet) की सिफारिश के बाद, इजरायली परिवहन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने सुरक्षा प्रक्रियाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए छह दिनों तक उड़ानों पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
फिलहाल, फ्लाईदुबई ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमानों की व्यवस्था की है ताकि उन्हें तेल अवीव तक पहुँचाया जा सके। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर नई बहस छेड़ दी है।