Flydubai को-पायलट की साजिश: बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान क्रैश करने का था खौफनाक प्लान

दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को हुए हमले के पीछे की रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश का खुलासा हुआ है। ओमान निवासी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने इज़राइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाने की पूरी योजना बनाई थी। इज़राइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर का मकसद विमान को एयरपोर्ट की किसी बिल्डिंग या वहां खड़े अन्य विमानों से टकराकर तबाही मचाना था।
वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की हिरासत में मौजूद अल-हम्मामी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने इस हमले के लिए बहुत बारीकी से प्लानिंग की थी। उसका प्लान था कि वह पहले कैप्टन को बेअसर कर देगा और फिर सामान्य तरीके से लैंडिंग की मंजूरी लेगा, ताकि किसी को शक न हो। जब विमान बिल्कुल आखिरी चरण में होगा, तब वह उसे एयरपोर्ट की किसी सुविधा से टकरा देगा। उसने जानबूझकर जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में पहुंचने तक इंतजार किया ताकि कोई अलार्म न बज सके और न ही कोई उसे रोक पाए।
महीनों तक की रेकी और नाकाम कोशिश
जांच में यह बात सामने आई है कि अल-हम्मामी ने पिछले कुछ महीनों में कई बार बेन गुरियन एयरपोर्ट का दौरा किया था। उसने स्वीकार किया कि जून के महीने में जब वह वहां पहुंचा, तो उसका पूरा ध्यान खुफिया जानकारी जुटाने और हमले का नक्शा तैयार करने पर था। उसने जुलाई में ही इस हमले को अंजाम देने की योजना बनाई थी, लेकिन केबिन क्रू के एक सदस्य के साथ अपनी दोस्ती की वजह से उसने आखिरी समय पर इस कदम को टाल दिया। उसने जांचकर्ताओं को बताया, "मैंने पहले ही तय कर लिया था कि तेल अवीव के लिए कौन सी एयरलाइन उड़ान भरती है, इसीलिए मैंने Flydubai को चुना।"
इस भयानक हादसे को टालने में कैप्टन स्मित मच्छर (Smit Machchhar) की बहादुरी ने अहम भूमिका निभाई। हमलावर ने उन पर हमला किया और उन्हें चाकू से घायल कर दिया, लेकिन घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद विमान में मौजूद कुछ इज़राइली यात्रियों ने हमलावर को पकड़कर काबू कर लिया। इसी बीच, बिजनेस क्लास में सफर कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कमान संभाली और विमान को सुरक्षित किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब हमलावर को लगा कि उसका मूल प्लान फेल हो गया है, तो उसने विमान को रेगिस्तान की जमीन की तरफ तेजी से नीचे गिराना शुरू कर दिया और कंट्रोल सिस्टम को तोड़ने की कोशिश की। हालांकि, यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। इज़राइल ने अब UAE से अनुरोध किया है कि वह इस मामले में फ्लाइट अटेंडेंट्स से भी विस्तृत पूछताछ करे।