Flydubai ने इजराइल के लिए उड़ानें रोकी: कॉकपिट में हुई बड़ी घटना के बाद लिया फैसला

Aanya30 September 20262 min read0 viewsUAE
Flydubai ने इजराइल के लिए उड़ानें रोकी: कॉकपिट में हुई बड़ी घटना के बाद लिया फैसला

दुबई की प्रमुख एयरलाइन Flydubai ने इजराइल के लिए अपनी सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह बड़ा कदम 30 सितंबर, 2026 को हुई एक गंभीर सुरक्षा घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें फ्लाइट FZ1073 को आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी।

क्या हुआ था FZ1073 के साथ?

घटना दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 MAX 8 विमान के साथ हुई। बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान कॉकपिट में एक हिंसक झड़प हुई, जिसके कारण विमान अचानक 17,000 फीट नीचे गिर गया। विमान ने आपातकालीन कोड 7700 और 7500 प्रसारित किए, जो सामान्य आपात स्थिति और विमान के साथ अवैध हस्तक्षेप का संकेत देते हैं।

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इस विमान में 27 बच्चों सहित कुल 174 यात्री सवार थे। गनीमत रही कि विमान में मौजूद अन्य चालक दल के सदस्यों और यात्रियों ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित रखने में मदद की। अंततः विमान ने सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की।

नेतन्याहू का आरोप और जांच का विषय

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि को-पायलट ने मुख्य पायलट पर हमला किया, जिनकी पहचान भारतीय नागरिक स्मित मच्छ्छर के रूप में हुई है, और विमान को क्रैश करने की कोशिश की।

इस घटना के बाद सऊदी अधिकारियों ने को-पायलट को हिरासत में ले लिया है। दोनों पायलटों को इलाज के लिए तबुक के एक अस्पताल में ले जाया गया है। फ्लाईदुबई ने इस घटना को 'फ्लाइट डेक अल्टरकेसन' (कॉकपिट में झड़प) करार दिया है और मामले की गहन जांच की मांग की है।

UAE सरकार और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की कार्रवाई

इस घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GCAA) ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। UAE के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री, शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने यात्रियों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है।

उड़ानों को निलंबित करने का निर्णय इजरायल सुरक्षा एजेंसी (Shin Bet) की सिफारिशों के बाद लिया गया है। फ्लाईदुबई ने स्पष्ट किया है कि यह निलंबन केवल अस्थायी है और इसका उनके अन्य नेटवर्क संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस घटना से अमेरिका की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं बताया है।

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