flydubai आतंकी हमले की साजिश नाकाम, अब और मजबूत हुए UAE और इजरायल के रिश्ते: योसी शेली

तेल अवीव जाने वाली flydubai की उड़ान पर हुए आतंकी हमले की कोशिश हमलावरों के लिए भारी पड़ गई। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में इजरायल के राजदूत योसी अब्राहम शेली ने कहा कि इस साजिश का मकसद क्षेत्रीय शांति और सामान्य संबंधों को अस्थिर करना था, लेकिन इसका परिणाम बिल्कुल उल्टा निकला। इस घटना के बाद इजरायल और यूएई के बीच राजनयिक संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं और दोनों देशों के बीच उड़ानों के कनेक्शन में भी बढ़ोतरी हुई है।
अबू धाबी से ANI को दिए एक इंटरव्यू में राजदूत शेली ने इस घटना को हमलावरों के लिए 'लॉस-लॉस' स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि हमलावर यह संदेश देना चाहते थे कि इजरायल के साथ संबंध रखना सही नहीं है, लेकिन इस हमले ने दोनों देशों को और करीब ला दिया। शेली के मुताबिक, इजरायली कंपनियां अब और अधिक सक्रियता से वहां काम कर रही हैं और उड़ानों की संख्या बढ़ी है।
कैप्टन स्मित मच्छड़ की बहादुरी को दुनिया ने माना
इस पूरी घटना में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छड़ की भूमिका बेहद अहम रही। राजदूत शेली ने उन्हें एक 'महान नायक' बताते हुए कहा कि उन्होंने उन कुछ मिलीसेकंड्स में गजब की हिम्मत दिखाई, जिसने पूरे विमान को तबाही से बचा लिया। शेली ने बताया कि कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए संघर्ष किया, जिससे अंततः बचाव कार्य संभव हो सका।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद कैप्टन स्मित से फोन पर बात की और उनकी सराहना की। शेली ने कहा कि इतिहास में ऐसे बहुत कम मामले हैं जहां किसी पायलट ने हमले के बावजूद सभी यात्रियों की जान बचाई हो। इसी वीरता के सम्मान में, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। यह सम्मान आमतौर पर केवल इजरायली नागरिकों को दिया जाता है, जो इसे एक ऐतिहासिक और अद्वितीय कदम बनाता है।
हमले के पीछे के कारणों पर बात करते हुए शेली ने कहा कि को-पायलट कट्टरपंथी विचारधारा का शिकार हो गया था और वह बदला लेने की साजिश रच रहा था। उन्होंने बताया कि विमान क्रैश करने से ठीक पहले उसने प्रार्थना करने की अनुमति मांगी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह जिहादी कट्टरपंथ से प्रेरित था।
फिलहाल इस मामले की जांच यूएई अधिकारी कर रहे हैं। राजदूत शेली ने कहा कि उन्हें अमीराती अधिकारियों पर पूरा भरोसा है और इजरायली खुफिया एजेंसियां भी इस जांच में सहयोग कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे हमलावर अकेला हो या किसी नेटवर्क का हिस्सा, उसे मौत की सजा का सामना करना पड़ेगा।