Flynas ने Swissport Saudi Arabia में खरीदा 10% हिस्सा, पाँच साल की नई डील से बदलेगी ग्राउंड सर्विस.

सऊदी अरब की बजट एयरलाइन Flynas ने देश के एविएशन सेक्टर में एक बड़ा कदम उठाया है। एयरलाइन ने घोषणा की है कि उसने Swissport Saudi Arabia Limited में 10% इक्विटी हिस्सेदारी खरीद ली है। यह सौदा कुल $13.33 मिलियन यानी करीब 50 मिलियन सऊदी रियाल में तय हुआ है। इस डील पर 6 सितंबर 2026 को सहमति बनी थी, जिसके तहत Swissport International AG और Asyad Holding के पास मौजूद शेयरों की खरीद की गई है।
पाँच साल की नई एक्सक्लूसिव डील
शेयर खरीदने के साथ-साथ Flynas ने एक महत्वपूर्ण पांच साल का एक्सक्लूसिव ग्राउंड हैंडलिंग सर्विसेज एग्रीमेंट भी साइन किया है। यह नया अनुबंध आगामी 6 मार्च 2027 से शुरू होगा और 1 मार्च 2032 तक चलेगा। इस समझौते में एक विकल्प भी रखा गया है जिसके तहत इसे अगले पाँच साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। यदि इस अनुबंध को आगे बढ़ाया जाता है, तो Flynas के पास Swissport Saudi Arabia में अतिरिक्त 10% हिस्सेदारी और खरीदने का अधिकार होगा, जिससे एयरलाइन की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 20% तक पहुंच सकती है।
इस नई पार्टनरशिप से सऊदी अरब के ग्राउंड हैंडलिंग सेक्टर में Swissport की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 40% तक होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बड़े बदलाव को लागू करने के लिए Flynas ने अपने मौजूदा ग्राउंड हैंडलिंग प्रोवाइडर Saudi Ground Services Co. को 6 सितंबर 2026 को एक टर्मिनेशन नोटिस जारी कर दिया है, जो 6 मार्च 2027 से प्रभावी होगा। इस पूरी डील का खर्च एयरलाइन अपने आंतरिक संसाधनों से उठाएगी। हालांकि, इस सौदे को जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन और जनरल अथॉरिटी फॉर कॉम्पिटिशन से जरूरी विनियामक मंजूरियां मिलना अभी बाकी है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
Swissport International के अध्यक्ष और सीईओ Warwick Brady ने इस साझेदारी को कंपनी की स्थिति मजबूत करने वाला एक अहम मील का पत्थर बताया है। वहीं, Flynas के चेयरमैन Ayed Al Jeaid ने इसे एयरलाइन के बढ़ते बेड़े को सपोर्ट करने वाला एक रणनीतिक कदम कहा है। Flynas के सीईओ और प्रबंध निदेशक Bander Almohanna का कहना है कि इस शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर से यह रिश्ता एक आम खरीदार और विक्रेता से ऊपर उठ चुका है। इसके अलावा, Swissport KSA के सीईओ Hamad Alhemede ने इस डील को सऊदी विजन 2030 के उस लक्ष्य के अनुकूल बताया है जिसके तहत देश को एक ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करना है।