सऊदी अरब पर हूती मिलिशिया के आतंकवादी हमलों की फ्रांस ने की कड़ी निंदा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर दिया जोर

पेरिस: फ्रांस सरकार ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिलिशिया द्वारा किए जा रहे आतंकवादी हमलों की आधिकारिक तौर पर निंदा की है। 19 अक्टूबर 2026 को फ्रांस ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वह हूती मिलिशिया की उन सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ है जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। 18 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब ने बताया कि यमन सीमा के पास एक टोही हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो अधिकारियों की मौत हो गई। इसी समय अंसार अल्लाह समूह ने सऊदी विमान को गिराने का दावा किया था।
18 अक्टूबर की तड़के रियाद के निवासियों को भी हवाई खतरों को लेकर अलर्ट जारी किए गए थे। इसके अलावा 19 अक्टूबर को मिली जानकारी के मुताबिक, यमन के शबवा प्रांत के जर्दान जिले में अल-अलम कैंप पर हूती मिसाइल हमले में करीब 40 लोग मारे गए या घायल हुए हैं।
फ्रांस का यह कूटनीतिक कदम सऊदी अरब की संप्रभु सीमा और बुनियादी ढांचे की रक्षा के समर्थन में उठाया गया है। फ्रांस के यूरोप और विदेश मंत्रालय ने पिछले कुछ हफ्तों में कई बयान जारी किए हैं। इसमें 11 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले की निंदा और 8 अक्टूबर को हूती उकसावे को तुरंत रोकने की मांग शामिल है।
इससे पहले 21 सितंबर 2026 को फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पास्कल कॉन्फव्रेक्स ने क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति फ्रांस की प्रतिबद्धता दोहराई थी। सुरक्षा समझौतों के तहत फ्रांस ने सऊदी तेल उत्पादन क्षेत्रों में रक्षात्मक सैन्य उपकरण तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।