फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने यूएई और बहरीन से हर महीने दो लाख टन डीजल लेने का समझौता किया

पेरिस: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने देश में ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इस डील के तहत फ्रांस को अब हर महीने अतिरिक्त 2 लाख टन डीजल मिलेगा।
एलिसी पैलेस ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को इस बात की पुष्टि की। राष्ट्रपति मैक्रोन 19 से 21 अक्टूबर तक खाड़ी देशों के राजनयिक दौरे पर हैं, जिसके दौरान यह निर्णय लिया गया।
समझौते के मुताबिक, यूएई हर महीने 1 लाख टन डीजल देगा और बहरीन भी हर महीने 1 लाख टन डीजल की आपूर्ति करेगा। इन आयात कार्यों का प्रबंधन फ्रांसीसी ऊर्जा कंपनी टोटलएनर्जीज (TotalEnergies) करेगी।
राष्ट्रपति के इस दौरे में टोटलएनर्जीज के सीईओ पैट्रिक पोयने और एंजी (Engie) के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उनके साथ मौजूद हैं। राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने बताया कि इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को कम करना है, जिसकी वजह से फ्रांस में घरेलू विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। इससे नागरिकों को पर्याप्त आपूर्ति मिलेगी और उपभोक्ता कीमतें घटेंगी।
यह नई व्यवस्था सऊदी अरब के साथ पहले से चल रहे एक समझौते के साथ जुड़ेगी, जो अक्टूबर और नवंबर के लिए हर महीने 95 हजार टन डीजल दे रहा है। अब इन सभी कोशिशों से फ्रांस को हर महीने कुल 2 लाख 95 हजार टन अतिरिक्त डीजल मिलेगा, जो देश की कुल खपत का करीब 10 प्रतिशत है।
मैक्रोन के इस क्षेत्रीय दौरे में कुवैत, यूएई, बहरीन और कतर शामिल हैं। इस यात्रा का मकसद आर्थिक और रक्षा सहयोग को मजबूत करना, महत्वपूर्ण ऊर्जा संसाधनों को सुरक्षित करना और समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाना है। जानकारों का कहना है कि खाड़ी देशों का यह फैसला फ्रांस की विश्वसनीयता और क्षेत्रीय हवाई रक्षा क्षमताओं में उसके योगदान की राजनीतिक मान्यता है।