राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खाड़ी देशों के दौरे पर हैं ताकि सुरक्षा और आर्थिक रिश्तों को और मजबूत किया जा सके

पेरिस: फ्रांस और खाड़ी देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्ते तेजी से मजबूत हो रहे हैं। इसी सिलसिले में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 19 अक्टूबर 2026 को कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर की तीन दिवसीय यात्रा शुरू की है। राष्ट्रपति मैक्रों ने 18 अक्टूबर को एक टेलीविजन संबोधन में इस मिशन की पुष्टि की थी।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, रक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही फ्रांस अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने पर भी ध्यान दे रहा है। इससे पहले सितंबर 2026 में न्यूयॉर्क में जीसीसी-फ्रांस संयुक्त मंत्री बैठक हुई थी। उस दौरान जीसीसी महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी ने दोनों क्षेत्रों के बीच साझा दृष्टिकोण पर जोर दिया था।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग काफी बढ़ गया है। फ्रांस ने 15 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के यनबू टर्मिनल पर तेल सुविधाओं की सुरक्षा के लिए परिचालन समझौतों को लागू करने की पुष्टि की। इसके अलावा, फ्रांस ने यूएई में सतह से हवा में मार करने वाली रक्षा प्रणालियों को तैनात करने की प्रतिबद्धता जताई है।
इराक के साथ भी रक्षा बातचीत जारी है। सितंबर में एक समझौता हुआ जिसमें Harmattan AI की स्वायत्त हवाई रक्षा प्रणालियों के लिए इरादे पत्र (letter of intent) शामिल था। फ्रांस अब इराक से अपनी सेना को हटा रहा है और खुद को एक भरोसेमंद सुरक्षा गारंटर के रूप में पेश कर रहा है।
आर्थिक मोर्चे पर दोनों पक्षों के रिश्ते काफी गहरे हैं। साल 2024 में कुल व्यापार का वॉल्यूम 21 अरब यूरो तक पहुंच गया। बिजनेस फ्रांस द्वारा आयोजित 'गल्फ विजन 2025' फोरम के जरिए खाड़ी देशों को प्रमुख औद्योगिक और निवेश भागीदार बनाने की रणनीति पर काम चल रहा है।
2010 के दशक की शुरुआत से खाड़ी देशों ने अपनी रक्षा साझेदारी को अमेरिका से आगे बढ़ाकर विविधता लाने की कोशिश की है। इस दौरान फ्रांस ने 15 अरब डॉलर से अधिक के हथियारों के अनुबंध हासिल किए हैं। 2025 में फ्रांस के कुल हथियार ऑर्डरों में मध्य पूर्व की हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत रही, जिसमें कतर और यूएई द्वारा राफेल विमानों और नौसेना जहाजों की बड़ी खरीद शामिल है।