सर्दियों में ऊर्जा संकट से बचने के लिए फ्रांस ने कतर से हर महीने दो टेरावाट-घंटे गैस लेने का किया समझौता

दोहा: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने कतर के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है जिसके तहत फ्रांस आने वाले सर्दियों के मौसम के लिए हर महीने दो टेरावाट-घंटे (TWh) प्राकृतिक गैस प्राप्त करेगा। राष्ट्रपति मैक्रॉन ने दोहा में पत्रकारों से बात करते हुए इस डील की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने की दिशा में यह फ्रांस के लिए एक जरूरी कदम है।
कतर समाचार एजेंसी के मुताबिक, यह घोषणा राष्ट्रपति मैक्रॉन और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद की गई। दोनों नेताओं ने इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की।
यह समझौता मैक्रॉन के 19 से 21 अक्टूबर, 2026 तक के तीन दिवसीय खाड़ी दौरे के दौरान हुआ। इस यात्रा के दौरान उन्होंने कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर का दौरा किया। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य फ्रांस में ईंधन आपूर्ति के घरेलू दबाव को कम करना और बढ़ती महंगाई से निपटना था।
ऊर्जा वार्ता को व्यावहारिक रूप देने के लिए फ्रांस की बड़ी ऊर्जा कंपनियों टोटलएनर्जीज (TotalEnergies) और एंजी (Engie) के अधिकारी भी राष्ट्रपति के साथ थे। यह नया समझौता दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद ऊर्जा संबंधों को और मजबूत करता है।
इससे पहले अक्टूबर 2023 में कतरएनर्जी और टोटलएनर्जीज के बीच 27 साल का एक समझौता हुआ था, जिसके तहत सालाना 35 लाख टन गैस की आपूर्ति होनी है। इस आपूर्ति की शुरुआत 2026 में दक्षिणी फ्रांस से होनी तय है।
नई गैस आपूर्ति कतर के नॉर्थ फील्ड ईस्ट और नॉर्थ फील्ड साउथ प्रोजेक्ट्स में कतरएनर्जी और टोटलएनर्जीज के संयुक्त उद्यमों से की जाएगी। जानकारों का कहना है कि रूसी गैस की कमी के बाद यह डील यूरोपीय देशों के लिए एक कूटनीतिक सहारा है, हालांकि यह कुल यूरोपीय सर्दियों की खपत का एक छोटा हिस्सा है।