फ्रांस टीवी ने हटाया शो का वीडियो, लाइव कार्यक्रम में अभिनेत्री के गाजा पर बयान से मचा बवाल

फ्रांसीसी सार्वजनिक प्रसारक France Televisions ने अपने चैनल फ्रांस 5 के साहित्यिक कार्यक्रम 'La Grande Librairie' का पूरा रीप्ले अपने प्लेटफॉर्म से हटा लिया है। यह कदम बुधवार, 9 सितंबर 2026 को शो में अभिनेत्री और लेखिका Adèle Haenel की एक लाइव उपस्थिति के बाद उठाया गया है। इस पूरी घटना के बाद से वहां के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी चर्चाएं शुरू हो गई हैं और लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
लाइव शो के दौरान क्या कहा था अभिनेत्री ने
कार्यक्रम के दौरान 'कार्ट ब्लांच' सेगमेंट में अभिनेत्री Adèle Haenel ने कैमरे के सामने आकर बहुत कड़े शब्दों में अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि इजराइल राज्य फिलिस्तीन में नरसंहार कर रहा है और फ्रांस इसमें पूरी तरह से साझीदार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अस्वीकार्य स्थिति को स्वीकार न करें और इजराइल पर प्रतिबंध लगाकर फिलिस्तीन को स्वतंत्र करें। इसके साथ ही उन्होंने यौन हिंसा के मामलों में रहने वाली चुप्पी की तुलना गाजा की स्थिति पर मीडिया में छाए सन्नाटे से की थी, जिसे उन्होंने 'टेलीविज़न साइलेंस' का नाम दिया था।
प्रसारक ने क्यों उठाया यह कदम
चैनल की ओर से 10 सितंबर 2026 को यह पुष्टि की गई कि एपिसोड के रीप्ले को एहतियात के तौर पर हटा दिया गया है। प्रसारक का कहना है कि वे इस मामले में फ्रांसीसी मीडिया नियामक Arcom की औपचारिक समीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। नेटवर्क ने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि अभिनेत्री के बयानों के विरोध में कोई दूसरा दृष्टिकोण या काउंटर परिप्रेक्ष्य पेश नहीं किया गया था। उनका तर्क था कि यह उनके पब्लिक-सर्विस चार्टर का उल्लंघन है, जिसके तहत संवेदनशील विषयों पर विचारों का संतुलन होना जरूरी होता है। हालांकि, नेटवर्क ने सेंसरशिप के आरोपों से साफ इनकार किया और कहा कि अभिनेत्री को प्रसारण के दौरान बिना किसी रुकावट के अपनी बात पूरी तरह से रखने की अनुमति दी गई थी।
यूरोपीय यहूदी संगठन की शिकायत और आगे की प्रतिक्रिया
यूरोपीय यहूदी संगठन की अध्यक्ष Muriel Ouaknine-Melki ने पुष्टि की कि उन्होंने इस प्रसारण को लेकर Arcom में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि चैनल अभिनेत्री के दावों को चुनौती देने में पूरी तरह विफल रहा। दूसरी तरफ, अभिनेत्री Adèle Haenel ने कहा कि उन्हें और उनकी टीम को पहले से ही इस बात का अंदाजा था कि वीडियो को हटा दिया जाएगा, इसलिए उन्होंने इस सेगमेंट को पहले ही रिकॉर्ड कर लिया था। उन्होंने व्यंग्य करते हुए नेटवर्क को धन्यवाद दिया और कहा कि प्रसारक के इस कदम ने उनके इस तर्क को और अधिक पुख्ता कर दिया है कि विशिष्ट दृष्टिकोणों को दबाया जा रहा है।
देशभर में छिड़ गई है तीखी बहस
इस पूरी घटना के बाद पूरे देश में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। देश के राजनेता और राजनीतिक दल इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। La France Insoumise पार्टी के सांसदों ने वीडियो हटाए जाने के इस फैसले को बेहद शर्मनाक और निंदनीय बताया है। वहीं दूसरी ओर, देश के रूढ़िवादी और दक्षिणपंथी नेताओं ने अभिनेत्री Adèle Haenel द्वारा दिए गए बयान की सामग्री की कड़ी आलोचना की है। यह पूरा मामला 13 सितंबर 2026 तक मीडिया नियामक Arcom के पास विचाराधीन बना हुआ है और इस पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।