हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बाद सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए फ्रांस और ब्रिटेन ने तैनात किए सैन्य संसाधन

रियाद: हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे हमलों में तेजी आने के बाद फ्रांस और ब्रिटेन ने सऊदी अरब में अपने सैन्य संसाधन तैनात कर दिए हैं। दोनों देशों ने साफ किया है कि उनकी यह भूमिका पूरी तरह से रक्षात्मक है और इसका मकसद सऊदी अरब के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना है।
ब्रिटेन ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि वह सऊदी शहरों के ऊपर रक्षात्मक मिशन चलाने के लिए रॉयल एयर फोर्स (RAF) के टाइफून फाइटर जेट तैनात कर रहा है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए एक A400M विमान भी भेजा गया है।
ब्रिटिश रक्षा सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने हूती विद्रोहियों की हालिया आक्रामकता को घृणित बताया। उन्होंने विशेष रूप से 8 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले का जिक्र किया, जिसमें टर्मिनल को नुकसान पहुंचा और एक विमान तबाह हो गया।
इस नई तैनाती से पहले ब्रिटेन पहले से ही RAF वॉयेजर विमान के जरिए हवा से हवा में ईंधन भरने की सुविधा दे रहा था, जिसने 14 मिशन पूरे किए हैं। ब्रिटेन ने सऊदी हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सैन्य सहायता के लिए फंड देने का भी वादा किया है।
फ्रांस ने 15 अक्टूबर 2026 को अपनी सैन्य तैनाती की पुष्टि की, जो राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सितंबर की प्रतिबद्धता के बाद हुई है। फ्रांसीसी सेना ने ऊर्जा परिवहन के रणनीतिक केंद्र यनबू बंदरगाह की सुरक्षा के लिए सैनिक, रडार यूनिट और डिफेंस सिस्टम भेजे हैं।
फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पास्कल कॉन्फैवरेक्स ने सऊदी तेल सुविधाओं को सुरक्षित करने के समझौते को लागू करने की बात कही, हालांकि उन्होंने तैनात किए गए विशिष्ट सामरिक संसाधनों का खुलासा नहीं किया।
हूती विद्रोहियों की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। शबवा प्रांत में हुए एक मिसाइल हमले में 73 रिक्रूट मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए, जो 2026 की गर्मियों के बाद सबसे घातक हमला है।
21 अक्टूबर 2026 को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कई ड्रोन को बीच में ही रोका, जिनमें से एक मदीना क्षेत्र की ओर जा रहा था। यह घटना हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी हवाई क्षेत्र को असुरक्षित घोषित करने के 48 घंटे बाद हुई।
वहीं, 20 अक्टूबर को ताइज़ शहर में हुए एक मिसाइल हमले में दो किशोर लड़कियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।