फ्रीडम फ्लॉटिला कोएलिशन का बड़ा ऐलान, अक्टूबर तक गाजा पहुंचने के लिए नया समुद्री मिशन शुरू.

फ्रीडम फ्लॉटिला कोएलिशन यानी FFC ने एक नया समुद्री मिशन शुरू करने का आधिकारिक ऐलान किया है। इस वैश्विक गठबंधन में 18 राष्ट्रीय अभियान शामिल हैं और इनका मुख्य उद्देश्य इस साल अक्टूबर तक गाजा पट्टी तक पहुंचना है। इस बात की पुष्टि अल जजीरा और अनादोलु अजंसी की रिपोर्टों में 4 सितंबर 2026 को की गई थी, जिसके बाद गठबंधन ने 2 सितंबर 2026 को अपना औपचारिक ऐलान किया। इस मिशन का मकसद इस्राइल की नौसैनिक नाकेबंदी को चुनौती देना और फलस्तीनी लोगों तक जरूरी सामान और राहत सामग्री पहुंचाना है।
यूरोप के बंदरगाहों से गुजर रहे हैं जहाज
फिलहाल गठबंधन के जहाज यूरोप के समंदर से होते हुए आगे बढ़ रहे हैं। जहाज 'हंडाला II' ने जून और जुलाई 2026 के दौरान नॉर्वे, स्वीडन और डेनमार्क के बंदरगाहों का दौरा किया था। वहीं दूसरी तरफ, जहाज 'केट' ने अगस्त 2026 में ब्रिटेन के ब्रिस्टल शहर से अपनी यात्रा शुरू की और इसके बाद आयरलैंड, जर्मनी तथा फ्रांस में अपने पड़ाव डाले। ये सभी जहाज गाजा की तरफ अपनी आखिरी और मुख्य यात्रा शुरू करने से पहले स्पेन, पुर्तगाल और इटली के कुछ और बंदरगाहों पर भी रुकने वाले हैं।
गठबंधन ने साफ तौर पर कहा है कि उनका यह पूरा अभियान पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। इसमें हिस्सा लेने वाले किसी भी व्यक्ति या चालक दल के सदस्य को हथियार साथ रखने की अनुमति नहीं दी गई है। यह संगठन अपने सामान की जांच करवाने के लिए किसी तीसरे पक्ष की मदद लेगा, लेकिन उन्होंने इस बात से साफ इंकार कर दिया है कि इस्राइली अधिकारी उनके जहाजों पर चढ़कर किसी भी प्रकार की जांच करेंगे।
सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के रास्ते की मांग
एफएफसी संचालन समिति की सदस्य जोहर चेम्बरलिन रेगेव ने बताया कि गठबंधन को समंदर में उतरना पड़ा क्योंकि सरकारें अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह से नाकाम रहीं। उन्होंने आगे कहा कि यह मिशन फलस्तीनी लोगों के सम्मान की मांग को गाजा के तटों तक लेकर जाएगा। इसके अलावा, अमेरिका के इंजीनियर और इस मिशन में हिस्सा ले रहे एडवर्ड डिजिलियो ने माना कि इस यात्रा में काफी जोखिम और खतरे शामिल हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि चुपचाप बैठे रहना और कुछ न करना उससे भी ज्यादा महंगा साबित हो सकता है।
गठबंधन लगातार यह मांग कर रहा है कि उन्हें सुरक्षित और बिना किसी बाधा के आगे बढ़ने का रास्ता दिया जाए। इसके समर्थन में उन्होंने अप्रैल 2024 के संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों के बयानों का भी हवाला दिया है, जिनमें यह बात कही गई थी कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस गठबंधन को खुलकर आने-जाने का पूरा अधिकार प्राप्त है।
पुराने अभियानों में आ चुकी है बड़ी बाधाएं
इस गठबंधन के पिछले प्रयास भी काफी चर्चा में रहे हैं और उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इस साल मई 2026 में चलाए गए 'ग्लोबल सुमुद फ्लॉटिला' मिशन के दौरान इस्राइली सेना ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ही सैकड़ों कार्यकर्ताओं को रोक लिया था, उनका अपहरण कर लिया था और उन्हें हिरासत में ले लिया था। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इन सभी पुरानी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, एफएफसी दुनिया भर की सरकारों से यह अपील कर रहा है कि वे इस बेड़े के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करें। इसके साथ ही गठबंधन ने इस्राइल के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने और देश को भेजे जाने वाले सभी प्रकार के हथियारों तथा ऊर्जा उत्पादों की सप्लाई को पूरी तरह से रोकने की मांग की है। गठबंधन का यह साफ कहना है कि उनके इस मानवीय मिशन के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा या आक्रामकता अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन मानी जाएगी।