गगन थापा ने जीता नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव, श्याम कृष्ण खड्गी को दी करारी मात

Gautam Sahu10 October 20262 min read0 viewsWorld
गगन थापा ने जीता नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव, श्याम कृष्ण खड्गी को दी करारी मात

नेपाल की सबसे पुरानी और बड़ी विपक्षी पार्टी, नेपाली कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है। पार्टी के 15वें आम सम्मेलन में हुए चुनाव में गगन थापा ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली है। केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा घोषित आधिकारिक परिणामों के अनुसार, गगन थापा को कुल 6,584 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी श्याम कृष्ण खड्गी मात्र 375 वोटों पर सिमट गए।

इस चुनाव प्रक्रिया में कुल 7,013 वोट डाले गए, जिनमें से 6,959 वैध रहे और 54 वोटों को अमान्य घोषित किया गया। मतदान शुक्रवार सुबह शुरू हुआ, जिसमें सबसे वरिष्ठ प्रतिनिधि शोभकांत बरल ने पहला वोट डालकर प्रक्रिया की शुरुआत की। दिलचस्प बात यह रही कि कई प्रतिनिधि जल्द से जल्द मतदान कर अपने घर जाना चाहते थे ताकि वे अपने परिवार के साथ दशैं का त्योहार मना सकें।

पुराने वोटरों को वापस लाना होगी पहली प्राथमिकता

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

जीत के बाद गगन थापा ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य उन पारंपरिक मतदाताओं को वापस पाना है, जिन्हें पिछले चुनावों में खो दिया गया था। थापा के अनुसार, लगभग 10 लाख ऐसे मतदाता हैं जो लंबे समय से नेपाली कांग्रेस के साथ थे, लेकिन पिछले चुनाव में वे पार्टी से दूर हो गए। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी अब एक नए अवतार में उनके मुद्दों और शिकायतों को दूर करते हुए उनके पास जाएगी।

यह चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है। एक समय पर सदन में 89 सीटें रखने वाली यह पार्टी अब 38 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। पार्टी ने अपने नियमों में बदलाव कर केंद्रीय कार्य समिति की सदस्य संख्या को बढ़ाकर 297 कर दिया है।

हालांकि, यह जीत विवादों से मुक्त नहीं है। शेर बहादुर देउबा गुट ने इस पूरी प्रक्रिया का बहिष्कार किया है और वे इस विशेष सम्मेलन की वैधता को चुनौती दे रहे हैं। देउबा गुट का दावा है कि जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आता, नेतृत्व का मुद्दा खुला है और उन्होंने दिसंबर में अपना अलग सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है। इसके बावजूद, अदालत ने इस सम्मेलन को रोकने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिससे थापा के नेतृत्व का रास्ता साफ हुआ।

Share:

Comments

Leave a comment