गाज़ा के कलाकारों ने रैपर मैकलमोर का किया सम्मान, हमलों के बीच दीवारों पर बनाई सुंदर पेंटिंग.

गाज़ा सिटी के कलाकारों ने अमरीकी रैपर Macklemore को उनके फिलिस्तीन के समर्थन के लिए अनोखे तरीके से याद किया है। कलाकारों ने मलबे और कंक्रीट के टुकड़ों पर खूबसूरत भित्तिचित्र यानी म्यूरल बनाए हैं, जिसमें इस संगीतकार को फिलिस्तीनी झंडे के साथ मुट्ठी उठाए हुए दिखाया गया है। यह कलाकृति 19 सितंबर और 20 सितंबर 2026 को बनाई गई थी, जिसके जरिए कलाकारों ने रैपर के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है।
गाज़ा में कलाकारों की स्थिति और ट्रिब्यूट
गाज़ा की रहने वाली 26 साल की एन रेडवान और कुसै अल-हेलो ने मिलकर इन कलाकृतियों को तैयार किया है। रेडवान ने बताया कि इन दीवारों पर बनाई गई पेंटिंग्स का मुख्य उद्देश्य घेराबंदी और युद्ध के बीच जिंदगी बिता रहे कलाकारों की समस्याओं को दुनिया के सामने लाना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में इससे भी बड़े पैमाने पर सम्मान कार्यक्रम और ट्रिब्यूट देने की योजना बनाई जा रही है।
मैकलमोर का फिलिस्तीन समर्थन और विवाद
इससे पहले रैपर मैकलमोर को उनके गाए गए चर्चित गाने 'Hind's Hall' और फिलिस्तीन के समर्थन में खुलकर बोलने के कारण एड शीरान के लूप टूर से हटा दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने टूर से हुई अपनी शुद्ध कमाई का 1 मिलियन डॉलर यानी दस लाख डॉलर का हिस्सा छह बड़े मानवीय संगठनों को देने का संकल्प लिया। इन संगठनों में UNRWA, द पैलेस्टाइन चिल्ड्रन्स रिलीफ फंड और मेडिकल एड फॉर पैलेस्टियंस शामिल हैं। रैपर का हमेशा से यही कहना रहा है कि इस्राइल की उनकी आलोचना किसी भी तरह से यहूदी-विरोधी नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से शांति, समानता और मानवीय सम्मान के लिए उठाई गई आवाज है।
सीजफायर के बाद भी जारी हैं इस्राइली हमले
कलाकारों की यह कलात्मक अभिव्यक्ति ऐसे समय में सामने आई है जब 11 अक्टूबर 2025 से लागू हुए संघर्षविराम समझौते के बावजूद इस्राइली सैन्य अभियान लगातार जारी है। 19 सितंबर और 20 सितंबर 2026 के दौरान गाज़ा पट्टी में हुए अलग-अलग हमलों में कई लोगों की जान चली गई। गाज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, 20 सितंबर को तीन लोगों की मौत हुई और 21 लोग घायल हो गए। वहीं 19 सितंबर को चार फिलिस्तीनी मारे गए थे, जिनमें 10 साल की बच्ची मैस बाजाज़ो भी शामिल थी।
हताहतों और हमलों के अन्य आंकड़े
इन हमलों में मारे गए अन्य लोगों की पहचान मोहम्मद खालिद अल-रिफ़ेय, याहिया हम्दूना, बस्सिर मुनीर अल-बर्श और रैद अबू अशेर के रूप में हुई है। इस्राइली सेना और शिन बेट सुरक्षा एजेंसी ने इस बात की पुष्टि की थी कि उन्होंने हम्दूना समेत तीन हमास operatives को निशाना बनाया था। सेना का कहना था कि ये लोग 7 अक्टूबर 2023 के हमलों में शामिल थे। ये सैन्य हमले जबालिया शरणार्थी शिविर, शेख रिजवान, शुजाईय्या और नुसीरत शरणार्थी शिविर के उत्तरी इलाकों में किए गए। इसके अलावा राफा के अल-मावासी क्षेत्र में विस्थापित नागरिकों के तंबुओं पर भी आर्टिलरी से गोले बरसाए गए।
गाज़ा में अब तक का कुल नुकसान
गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी मान्यता प्राप्त है, 11 अक्टूबर 2025 को संघर्षविराम शुरू होने के बाद से अब तक 1,393 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 4,822 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक कुल फिलिस्तीनी मृतकों का आंकड़ा 73,800 से अधिक हो गया है। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लगातार यह कह रहे हैं कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं डाल देता, तब तक ये हमले रुकेंगे नहीं और उन्होंने गाज़ा से सेना पीछे हटाने से साफ इनकार कर दिया है। ज़मीनी रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि मानवीय सहायता और सामानों के आने-जाने पर लगातार रोक जारी है।