गाजा में नवजात शिशुओं के जन्म दोष बढ़े, 2026 के नौ महीनों में ही 2022 का आंकड़ा पार
गाजा में 2026 के पहले नौ महीनों में जन्म दोष के मामले 2022 के पूरे साल के आंकड़ों से ज्यादा हो गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच की मांग की है।

गाजा: गाजा पट्टी में नवजात शिशुओं में जन्म दोष (congenital anomalies) के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, साल 2026 के पहले नौ महीनों में दर्ज जन्म दोष के मामले 2022 के पूरे साल के कुल आंकड़ों से भी ज्यादा हो गए हैं।
पलेस्टाइन न्यूज एंड इन्फो एजेंसी (WAFA) की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच जन्म दोष के 260 मामले दर्ज किए गए। इसकी तुलना में साल 2022 में कुल 184 मामले सामने आए थे।
आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2025 में भी यह समस्या बढ़ी थी, जब पूरे साल में 322 मामले दर्ज हुए। यह संख्या 2022 के आंकड़ों के मुकाबले 75 प्रतिशत अधिक थी।
चिकित्सा अधिकारियों ने नवजात शिशुओं में कई तरह की स्थितियां देखी हैं। इनमें कटे हुए होंठ और तालु (cleft lip and palate), अस्पष्ट बाहरी जननांग, ऊपरी अंगों का छोटा होना और अम्बिलिकल हर्निया शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कुछ शिशुओं में एक साथ कई तरह के दोष पाए गए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े अपने आप में सटीक व्यापकता दर तय नहीं करते और न ही इन मामलों में बढ़ोतरी के निश्चित कारणों को अलग कर सकते हैं।
इन निष्कर्षों के बाद चिकित्सा अधिकारियों ने इस बढ़ोतरी की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जांच कराने की तत्काल अपील की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसके संभावित कारणों में माताओं में गंभीर कुपोषण, पर्यावरण प्रदूषकों का व्यापक प्रभाव और गाजा पट्टी में जारी संघर्ष के कारण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाओं के पूरी तरह ध्वस्त होने को जिम्मेदार बताया है।
मातृ स्वास्थ्य में गिरावट और चिकित्सा बुनियादी ढांचे के खराब होने की बात पहले भी UNFPA, डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) और ह्यूमन राइट्स वॉच जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा दर्ज की जा चुकी है।