गाजा में स्वास्थ्य सेवाओं के ठप होने के बीच महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान शुरू किया गया
गाजा में स्वास्थ्य कर्मियों ने ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता के लिए 'पिंक ब्लूम्स' अभियान शुरू किया है, जबकि वहां स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह तबाह हो चुका है।

गाजा: गाजा के स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल को 'मलबे के बीच गुलाबी फूल: इलाज का अधिकार और जीवन की उम्मीद' नाम दिया गया है। यह अभियान दुनिया भर में चलाए जाने वाले 'पिंक अक्टूबर' के प्रयासों के साथ तालमेल बिठाकर शुरू किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) द्वारा आयोजित यह अभियान तीन साल के अंतराल के बाद फिर से शुरू हुआ है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए समय पर बीमारी की पहचान करना और उन्हें जरूरी स्क्रीनिंग, रेफरल और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करना है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पहल को एक मानवीय संकट की पुकार बताया है। मंत्रालय के मुताबिक यहां की स्थिति बेहद गंभीर है क्योंकि इलाके के 94 प्रतिशत अस्पताल या तो पूरी तरह तबाह हो चुके हैं या आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं।
मेडिकल अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य ढांचे के ढहने की वजह से सैकड़ों मामले सामने नहीं आ पा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2023 से पहले हर साल करीब 360 नए मामले सामने आते थे, जो 2024 में घटकर 250 और 2025 में 260 रह गए। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरावट बीमारी के कम होने से नहीं बल्कि स्क्रीनिंग की विफलता के कारण हुई है।
इलाज के विकल्प भी बहुत सीमित हैं और कीमोथेरेपी दवाओं, हार्मोनल ट्रीटमेंट और टारगेटेड थेरेपी की भारी कमी है। गाजा के भीतर रेडियोथेरेपी की सेवाएं पूरी तरह से अनुपलब्ध हैं।
देर अल-बलाह की 36 वर्षीय मरीज हिबा मुसबाह की कहानी इन चुनौतियों को बयां करती है। सैन्य अभियानों की वजह से उनकी सर्जरी में दो महीने की देरी हुई और दवाओं की कमी के कारण कीमोथेरेपी के लिए उन्हें सात महीने इंतजार करना पड़ा। वह अब रेडियोथेरेपी के लिए मेडिकल इवैक्यूएशन का इंतजार कर रही हैं।