Gaza में इमारतों के गिरने से बचाव कार्य मुश्किल, रेड क्रॉस ने दी चेतावनी.

गाजा पट्टी में मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना अब बेहद मुश्किल हो गया है और इस काम को नामुमकिन जैसा बताया जा रहा है। इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस यानी ICRC के मुताबिक, गाजा में लगातार गिरती इमारतों के बीच राहत और बचाव टीमों का काम करना बहुत खतरनाक और कठिन हो गया है। पूरे इलाके में 2,000 से ज्यादा क्षतिग्रस्त इमारतें ऐसी हैं जो कभी भी ढह सकती हैं, और इनमें बेघर हुए फलस्तीनी लोग शरण लिए हुए हैं, जिससे खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
अल-सबरा और अल-सादा बिल्डिंग की दर्दनाक घटनाएं
बीते 18 सितंबर 2026 को गाजा सिटी के दक्षिण में स्थित अल-सबरा इलाके में सिविल डिफेंस की टीमों ने एक गिरी हुई इमारत के मलबे से कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। यह घटना उस भीषण हादसे के कुछ दिन बाद सामने आई, जब 16 सितंबर 2026 को छह मंजिला अल-सादा बिल्डिंग अचानक ढह गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 11 से 13 महिलाएं और बच्चे शामिल थे, जबकि 25 लोग घायल हुए थे। जिस समय यह पुरानी क्षतिग्रस्त इमारत गिरी, उस वक्त वहां करीब 100 लोग मौजूद थे। इस जगह पर बचाव कार्य 17 सितंबर 2026 को खत्म हुआ, जिसके बाद मलबे से कुल 45 जीवित लोगों को बाहर निकाला गया था.
मशीनों की कमी और सर्दियों की बड़ी चेतावनी
ICRC की अध्यक्ष मिर्jana स्पोलजारिक ने मानवीय सहायता पहुंचाने और लोगों की जान बचाने के लिए तुरंत एक स्थायी युद्धविराम की मांग की है, ताकि संगठन एक निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में अपना काम कर सके। वहीं दूसरी तरफ, फलस्तीनी सिविल डिफेंस के प्रवक्ता महमूद बासल ने बताया कि राहत टीमों के पास काम करने के लिए जरूरी सामान और उपकरण बिल्कुल नहीं बचे हैं, और मजदूरों को मजबूरन हाथों से ही मलबा हटाना पड़ रहा है। सिविल डिफेंस के एक अन्य सुपरवाइजर मोहम्मद अबू दान ने भी इस बात को दोहराया है कि आधुनिक उपकरणों की कमी ही बचाव कार्यों में सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है।
ऑक्यूपाइड फलस्तीनी टेरिटरी के लिए संयुक्त राष्ट्र के मानवीय समन्वयक रमीज अलाखबारोव ने इजरायली अधिकारियों से आधिकारिक रूप से अपील की है कि वे खोज अभियानों में मदद के लिए भारी मशीनरी, विशेष उपकरण, इंजन ऑयल और ईंधन को गाजा में आने की अनुमति दें। फलस्तीनी और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि सामान की यह कमी इजरायल की तरफ से लगाई गई पाबंदियों की वजह से है। हालांकि, इजरायल का पक्ष है कि उनके नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि इन सामग्रियों का गलत इस्तेमाल चरमपंथी लोग न कर सकें। इस बीच, गाजा के सिविल डिफेंस विभाग ने आने वाली सर्दियों को लेकर एक बहुत बड़ी आपदा की चेतावनी दी है, क्योंकि इस पूरे संघर्ष के दौरान अब तक 102,000 से ज्यादा इमारतें या तो क्षतिग्रस्त हुई हैं या पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। इस पूरी जानकारी के बारे में आप विस्तार से WAM News पर पढ़ सकते हैं।