Gaza News: अल-अक्सा अस्पताल पर हमले के बाद गाज़ा में खत्म हुई कैंसर की दवाएं, खतरे में हजारों मरीजों की जान.

गाज़ा पट्टी से एक बेहद डरावनी और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है जहाँ अस्पतालों में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। 29 अगस्त 2026 को दीर अल-बलाह स्थित Al-Aqsa Martyrs Hospital के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी कि पूरे गाज़ा में कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयां पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं। यह संकट तब और गहरा गया जब उसी दिन एक इजरायली ड्रोन हमले ने अस्पताल के परिसर के अंदर बने एक दवा गोदाम को पूरी तरह से तबाह कर दिया। इस बड़े हमले में अस्पताल की पानी की टंकियां, लैबोरेटरी के उपकरण और स्टोरेज एरिया भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि वहां इलाज करा रहे तीन फिलिस्तीनी नागरिक इस धमाके की चपेट में आकर घायल हो गए।
गंभीर चिकित्सा संकट और मरीजों की स्थिति
दवाइयों के इस भारी स्टॉक के खत्म होने से वहां चल रहा मेडिकल संकट अब चरम पर पहुंच गया है। गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस समय लगभग 11,000 कैंसर मरीज मौत के मुंह में खड़े हैं और उनकी जान को बड़ा खतरा बना हुआ है। मंत्रालय द्वारा 4 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट में पहले ही यह बात सामने आ चुकी थी कि इस घटना से पहले ही ऑन्कोलॉजी और ब्लड डिसऑर्डर से जुड़ी 61 प्रतिशत दवाइयां उपलब्ध नहीं थीं। स्थिति तब और अधिक खराब हो गई जब तुर्की-फिलिस्तीनी फ्रेंडशिप अस्पताल को पहले ही नष्ट कर दिया गया, जो कि पूरे गाज़ा में कैंसर के इलाज का इकलौता केंद्र हुआ करता था।
अधिकारियों की अपील और अंतरराष्ट्रीय चिंता
अल-अक्सा शहीद अस्पताल के डायरेक्टर Ra'ed Hussein ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखल देने और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर हो रहे सैन्य हमलों को रोकने की पुरजोर अपील की है। गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने लगातार यह चेतावनी दी है कि ड्रग स्टोरेज सुविधाओं पर बार-बार हो रहे हमलों की वजह से स्थानीय चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से ढहने की कगार पर आ चुकी है। फिलिस्तीनी सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स के रिकॉर्ड के अनुसार, अस्पताल की पानी की टंकियों और पाइपलाइनों को पहले भी 4 जून 2025 को नुकसान पहुंचाया गया था।
सैन्य पक्ष और वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, इजरायली सेना का कहना है कि 29 अगस्त को किया गया यह हमला उस हमास कमांडर को निशाना बनाने के लिए था जो कथित तौर पर अस्पताल परिसर के अंदर छिपा हुआ था और इजरायली नागरिकों तथा सैनिकों पर हमलों की साजिश रच रहा था। सेना का दावा है कि उसने 27 अगस्त को गाज़ा के मेडिकल अधिकारियों को अस्पतालों का इस्तेमाल कथित 'आतंकवादी गतिविधियों' के लिए न करने की चेतावनी दी थी और नागरिकों को खतरे से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए थे। इस बीच, दुनियाभर के स्वास्थ्य संगठन गाज़ा में चिकित्सा देखभाल की बदहाल स्थिति को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के डायरेक्टर-जनरल Tedros Adhanom Ghebreyesus ने 4 अगस्त 2026 को एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर कभी भी हमला नहीं होना चाहिए और न ही उनका सैन्य इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, WHO ने 28 अगस्त 2026 को यह भी बताया कि गाज़ा के हजारों मरीजों को अभी भी गंभीर और जीवन रक्षक इलाज के लिए बाहर मेडिकल निकासी की सख्त जरूरत है।