गाजा की कैंसर मरीज हिबा मुसबा इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति का इंतजार कर रही हैं और उनकी सेहत लगातार गिर रही है

गाजा की कैंसर मरीज हिबा मुसबा इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति का इंतजार कर रही हैं, जबकि वहां स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं।

Gautam Sahu22 October 20262 min read0 viewsWorld
गाजा की कैंसर मरीज हिबा मुसबा इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति का इंतजार कर रही हैं और उनकी सेहत लगातार गिर रही है

गाजा: तीन बच्चों की मां 36 वर्षीय हिबा मुसबा अपनी सेहत के गंभीर संकट से जूझ रही हैं। वह कीमोथेरेपी के आठवें दौर की तैयारी कर रही हैं, लेकिन जीवन रक्षक इलाज के लिए विदेश जाने की आधिकारिक अनुमति का इंतजार कर रही हैं।

हिबा मुसबा साल 2024 से ब्रेस्ट कैंसर से लड़ रही हैं। अल जजीरा इंग्लिश की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वह गाजा पट्टी में फंसी हुई हैं और उन्हें इलाज के लिए बाहर जाने की अनुमति मिलनी बाकी है।

मुसबा की यह स्थिति गाजा के स्वास्थ्य ढांचे के पूरी तरह तबाह होने की कहानी बयां करती है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दवाओं की भारी कमी और डायग्नोस्टिक सेवाओं के नष्ट होने से 4,000 से ज्यादा कैंसर मरीजों की जान खतरे में है।

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गाजा का एकमात्र समर्पित कैंसर अस्पताल, तुर्की-फिलिस्तीनी फ्रेंडशिप हॉस्पिटल भी अब नष्ट हो चुका है। फिजिशियंस फॉर ह्यूमन राइट्स-इजरायल ने बताया कि मेडिकल निकासी के इंतजार में अब तक कम से कम 1,570 मरीजों की मौत हो चुकी है, जिनमें 505 कैंसर मरीज और 264 बच्चे शामिल हैं।

मरीजों को बाहर भेजने की प्रक्रिया काफी जटिल है। इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), फिलिस्तीनी प्राधिकरण और मिस्र व इजरायल के अधिकारियों के बीच तालमेल की जरूरत होती है। WHO लॉजिस्टिक्स और यात्रा के लिए फिटनेस की जांच करता है, जबकि मरीजों की प्राथमिकता तय करने की जिम्मेदारी फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय की होती है।

जरूरी परमिट मिलने में कम से कम ढाई महीने का समय लग रहा है। फिलिस्तीनी सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि इजरायल ने अक्टूबर 2023 से वेस्ट बैंक और कब्जे वाले पूर्वी जेरूसलम के अस्पतालों में इलाज के लिए परमिट देना बंद कर दिया है।

हालांकि 19 और 20 अक्टूबर 2026 को 50 मरीजों को बाहर भेजा गया, लेकिन UNRWA के अनुमान के मुताबिक गाजा में अब भी 18,500 से ज्यादा गंभीर मरीज जीवन रक्षक ट्रांसफर के इंतजार में हैं।

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