गाज़ा युद्धविराम पर संकट: हमलों के बीच जनाज़े, बढ़ता तनाव

ख़ान यूनिस/गाज़ा: गाज़ा में नाज़ुक युद्धविराम के बीच सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को फ़लस्तीनियों ने हालिया इज़राइली हवाई हमलों में मारे गए लोगों के जनाज़े पढ़े। मातम के इस माहौल में एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि समझौता कितना टिक पाएगा।
रिपोर्टों के मुताबिक़ रविवार, 11 अक्टूबर को ख़ान यूनिस के मवासी इलाके में एक तंबू पर हुए हमले में तीन लोग मारे गए। उसी दिन ख़ान यूनिस के दक्षिण-पश्चिम में एक मोबाइल फ़ोन चार्जिंग पॉइंट पर हुए अलग हमले में चार फ़लस्तीनियों की मौत की ख़बर है। जनाज़ों में 22 वर्षीय इस्लामिक जिहाद के लड़ाके इज़्ज़ुद्दीन बरहूम को भी याद किया गया।
सोमवार को दक्षिणी गाज़ा पट्टी में एक और इज़राइली हमले में कम से कम दो और फ़लस्तीनियों के मारे जाने की खबर है। इससे पहले के हफ़्ते में इज़राइली सेना और इज़राइल सिक्योरिटी एजेंसी ने ख़ान यूनिस में हमास की नुखबा प्लाटून के कमांडर हिशाम जमाल मुहम्मद अबू ग़ाला को मारने का दावा किया था।
दोनों पक्षों के अपने दावे
इज़राइली सेना का कहना है कि उसकी ताज़ा कार्रवाइयाँ चरमपंथियों को निशाना बनाकर की गईं, और उसने हमास पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ़ हमास ने हथियार फिर से जमा करने की बात से इनकार किया है और कहा है कि इज़राइल शांति समझौते को कमज़ोर कर रहा है।
गाज़ा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने रविवार को कहा कि अक्टूबर 2025 में युद्धविराम शुरू होने के बाद से इज़राइल पर समझौते के 5,474 उल्लंघन करने का आरोप है। वहीं गाज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इस दौरान इज़राइली गोलीबारी में कम से कम 1,400 फ़लस्तीनी मारे गए हैं, जबकि इज़राइल ने इसी अवधि में अपने चार सैनिकों की मौत की बात स्वीकार की है।
मानवीय मोर्चे पर भी हालात चिंताजनक हैं। अंतरराष्ट्रीय मदद पर्याप्त नहीं पहुँच पा रही, और गाज़ा में 14 लाख से ज़्यादा लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और क्षेत्र की अस्थिरता ने इस संकट को और गहरा कर दिया है।