संयुक्त राष्ट्र महासभा में गाजा पर बड़ी बैठक, 8 देशों के मंत्रियों ने की युद्धविराम की मांग

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयार्क में दुनिया के कई बड़े देशों के विदेश मंत्रियों ने अहम बैठक की। इस बैठक में यूएई, सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र के मंत्री शामिल हुए। सभी नेताओं ने गाजा में चल रहे मानवीय संकट पर गहरी चिंता जताई और इजराइल से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की। मंत्रियों ने कहा कि गाजा के लोगों तक राहत सामग्री बिना किसी रुकावट के पहुंचनी चाहिए ताकि वहां के हालात सुधर सकें।
रोड मैप और शांति योजना पर जोर
बैठक में शामिल सभी देशों के मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि व्यापक योजना के दूसरे चरण को लागू करने के लिए रोड मैप बहुत जरूरी है। इसके तहत इजराइल को अपनी सेना पूरी तरह से हटानी होगी और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल को तैनात किया जाना चाहिए। गाजा के पुनर्निर्माण के लिए फिलिस्तीनी प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपने की बात भी कही गई। मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि सभी पक्षों को इन समझौतों का पूरी तरह पालन करना चाहिए ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।
फिलिस्तीनियों के विस्थापन का कड़ा विरोध
विदेश मंत्रियों ने फिलिस्तीनी नागरिकों को जबरन हटाने या जमीन की डेमोग्राफी बदलने की किसी भी कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इजराइल की तरफ से बस्तियों के विस्तार, जमीनों पर कब्जा और घरों को गिराने जैसी अवैध कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की। इसके अलावा जेरूसलम में मुस्लिम और ईसाई धार्मिक स्थलों की स्थिति से छेड़छाड़ करने पर भी चिंता व्यक्त की गई। ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों द्वारा अवैध बस्तियों के व्यापार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन किया गया।
अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका
बैठक के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति Donald J. Trump के नेतृत्व की सराहना की गई। मंत्रियों ने कहा कि रोड मैप की बाधाओं को पार करने के लिए अमेरिका की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। गाजा को फिलिस्तीनी क्षेत्र का हिस्सा बनाए रखने और वेस्ट बैंक तथा पूर्वी जेरूसलम के साथ इसके पुनर्मिलन पर जोर दिया गया। सभी ने पूर्वी जेरूसलम को राजधानी बनाते हुए एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी देश के गठन की अपनी मांग दोहराई।