गाज़ा संघर्ष विराम का उल्लंघन जारी, हमलों में अब तक 1,359 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत.

Aanya11 September 20262 min read31 viewsWorld
गाज़ा संघर्ष विराम का उल्लंघन जारी, हमलों में अब तक 1,359 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत.

गाज़ा में संघर्ष विराम लागू होने के बाद से ही लगातार नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। 10 अक्टूबर 2025 को अमेरिका, कतर, मिस्र और तुर्की की मध्यस्थता से एक समझौता हुआ था, जिसे शर्म अल-शेख में साइन किया गया था। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य गाज़ा में शांति बहाल करना, बंधकों और कैदियों की रिहाई करना और मानवीय सहायता को पूरी तरह से अंदर भेजना था। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने इस समझौते का स्वागत किया था, लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थिति उम्मीद के मुताबिक बेहतर नहीं हो सकी और हिंसा का दौर लगातार जारी है।

गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़े

गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, संघर्ष विराम शुरू होने के बाद से अब तक कुल 1,359 फिलिस्तीनी लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा, इन हमलों में 4,571 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 11 सितंबर 2026 तक लगातार संघर्ष विराम के उल्लंघन के 337 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान इजरायली सेना की तरफ से लगातार गोलाबारी और गोलीबारी जारी रहने की खबरें सामने आई हैं। हाल ही की घटनाओं में दीर अल-बलाह के पूर्व में वाहनों में आग लगना, खान यूनिस में एक घर पर शेल से हमला होना और खान यूनिस तथा गाज़ा सिटी के तटीय इलाकों में गनबोट से फायरिंग शामिल है।

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हालिया दिनों में हुए हमले

आंकड़ों के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को एक ही दिन में 9 फिलिस्तीनी मारे गए थे और स्वास्थ्य मंत्रालय को उस 24 घंटे के भीतर एक शव और 30 घायल लोग मिले थे। इसके एक दिन पहले यानी 9 सितंबर 2026 को सनद न्यूज एजेंसी ने रफह के पास ड्रोन हमले और आर्टिलरी शेलिंग सहित कुल 7 उल्लंघनों को दर्ज किया था। वहीं, 8 सितंबर 2026 को सामने आए 18 उल्लंघनों के दौरान 2 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई थी। गाज़ा सरकार के मीडिया कार्यालय के संचयी आंकड़ों से पता चलता है कि 10 अक्टूबर 2025 से लेकर 24 अगस्त 2026 के बीच इजरायल द्वारा कम से कम 4,379 बार संघर्ष विराम के नियमों को तोड़ा गया है।

मानवीय सहायता और बुनियादी ढांचे को नुकसान

आम जनता के लिए राहत सामग्री पहुंचना अभी भी बहुत मुश्किल बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी यानी UNRWA के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 को युद्ध शुरू होने के बाद से उनके 393 सहकर्मियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, UNOSAT के अनुमान के अनुसार, संघर्ष विराम की घोषणा के बाद से गाज़ा में नष्ट हुई इमारतों और संरचनाओं में 9% की और बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते अब कुल 82% इमारतें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। 10 अक्टूबर 2025 से 24 अगस्त 2026 के बीच सिर्फ 35% राहत ट्रक ही गाज़ा तक पहुंच पाए हैं, क्योंकि जरूरी खाद्य सामग्री को लगातार रोका जा रहा है और जांच की प्रक्रिया बेहद सख्त रखी गई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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