Gaza में लगातार जारी हैं संघर्षविराम उल्लंघन, 338 दिनों में हजारों लोगों की हुई मौत

Aanya12 September 20263 min read31 viewsWorld
Gaza में लगातार जारी हैं संघर्षविराम उल्लंघन, 338 दिनों में हजारों लोगों की हुई मौत

गाजा पट्टी में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और वहां पर लगातार संघर्षविराम नियमों का उल्लंघन होने की खबरें सामने आ रही हैं। 12 सितंबर 2026 तक गाजा में संघर्षविराम उल्लंघन के लगातार 338 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान इजरायली सेना द्वारा लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं और स्थानीय नागरिकों का जीवन बहुत अधिक कठिन हो गया है।

गाजा के विभिन्न इलाकों में सैन्य गतिविधियां

शनिवार को इजरायली सैन्य वाहनों, तोपखाने, हेलीकॉप्टरों और गनबोटों ने उत्तरी, मध्य और दक्षिणी गाजा के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। जिन इलाकों को हाल ही में निशाना बनाया गया है उनमें पूर्वी और उत्तरपूर्वी गाजा सिटी, जबालिया और बुरीत शरणार्थी शिविरों के पूर्व के क्षेत्र, दीर अल-बलाह के पूर्व के इलाके और पश्चिमी रफा शामिल हैं। इसके अलावा खान यूनिस के अल-मावासी क्षेत्र में एक ड्रोन हमले के दौरान नौ फलस्तीनी घायल हो गए और वहां लगे तंबू पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं दूसरी ओर नौसेना बलों ने गाजा सिटी के तट के पास फलस्तीनी मछली पकड़ने वाली नावों पर भी भारी गोलीबारी की।

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बढ़ता हताहतों का आंकड़ा और सरकारी रिपोर्ट

गाजा में फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर से पहले के 48 घंटों के भीतर 10 लोगों की मौत हो गई और 56 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यूरो-मेड मॉनिटर के आंकड़ों से यह बात सामने आती है कि पिछले एक हफ्ते के दौरान कम से कम 50 फलस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं। गाजा में सरकारी मीडिया कार्यालय के पुराने आंकड़ों के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 से 24 अगस्त 2026 के बीच इजरायल की तरफ से कुल 4,379 संघर्षविराम उल्लंघन दर्ज किए गए थे। इन पुरानी घटनाओं में आम नागरिकों पर 921 बार गोलीबारी, 1,109 बार बमबारी और गोलाबारी, रिहायशी इलाकों पर 97 छापे और संपत्ति को नष्ट करने के 273 मामले अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच शामिल हैं। जब से अक्टूबर 2025 में शुरुआती संघर्षविराम लागू हुआ है, तब से कुल मौतों का आंकड़ा 1,370 तक पहुंच गया है और घायलों की संख्या 4,571 हो गई है, जबकि अब तक 831 शवों को बरामद किया जा चुका है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और राजनीतिक स्थिति

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 17 नवंबर 2025 को इस संघर्षविराम का समर्थन किया था और इसके तहत शत्रुता को पूरी तरह से समाप्त करने, इजरायली सेना को वापस बुलाने और नाकाबंदी हटाने का निर्देश दिया गया था। हालांकि इसके बावजूद क्षेत्र का 86 प्रतिशत हिस्सा अभी भी कब्जे या सैन्यीकृत क्षेत्रों के अधीन आता है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 2 सितंबर 2026 को यह स्पष्ट किया था कि इजरायल की पीछे हटने की कोई योजना नहीं है और वह हमास को खत्म करने के अपने प्रयास जारी रखेगा। इसके विपरीत कतर, रूस और चीन के प्रतिनिधियों ने इस लगातार जारी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। ब्रिटेन के विदेश सचिव ने इस बात का जिक्र किया कि लगभग एक साल से संघर्षविराम लागू होने के बावजूद 1,200 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और उन्होंने इस स्थिति को पूरी तरह से एक टाला जा सकने वाला मानवीय संकट करार दिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप ब्रिटिश सरकार के आधिकारिक बयान को देख सकते हैं। दूसरी ओर हमास का यह कहना है कि इजरायल अमेरिका समर्थित शांति योजना को लगातार कमजोर कर रहा है।

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