Gaza Drone Attack: गाजा में बच्चों पर ड्रोन से हमले का वीडियो आया सामने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मचा हड़कंप।

गाजा से एक बेहद डराने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ छोटे बच्चे पानी के डिब्बों से भरी हुई एक छोटी गाड़ी के पीछे छिपते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो 28 अगस्त 2026 को Al Jazeera English द्वारा प्रकाशित किया गया था, जिसमें दावा किया गया कि यह हमला इस्राइली क्वाडकोप्टर ड्रोन द्वारा किया गया था। इस तरह की घटनाओं ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले पर आम लोग काफी डरे हुए हैं और बच्चों पर हो रहे इन हमलों की हर तरफ चर्चा हो रही है.
ड्रोन हमलों पर पहले भी आ चुकी हैं रिपोर्ट्स
इस तरह के मामलों की जांच पहले भी कई स्वतंत्र संगठनों द्वारा की जा चुकी है। पिछले साल 25 जुलाई 2026 को ब्राउन यूनिवर्सिटी के 'कॉस्ट्स ऑफ वार प्रोजेक्ट' की तरफ से एक रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसका शीर्षक 'Lethal Precision Without Accountability' था। उस रिपोर्ट में सैन्य और चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस बात के पुख्ता दस्तावेज दिए थे कि कैसे ड्रोन का इस्तेमाल करके बहुत पास से नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि इस्राइल ने हमेशा से इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वे गैर-सैन्य लोगों को निशाना नहीं बनाते हैं। हालांकि, इस्राइल ने पहले यह स्वीकार किया था कि 13 जुलाई 2025 को पानी बांटने वाली जगह पर एक तकनीकी गलती के कारण हमला हो गया था जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी, और उनमें से 6 बच्चे भी शामिल थे।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट और बच्चों की मौत का आंकड़ा
यह नया वीडियो ऐसे समय पर सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी बहुत कड़ी जांच की जा रही है। इससे पहले जून 2026 में संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि फिलिस्तीनी बच्चों को बहुत सोच-समझकर निशाना बनाया जा रहा है। आयोग के अध्यक्ष Srinivasan Muralidhar ने कहा था कि सुरक्षा बलों द्वारा बच्चों को लगातार निशाना बनाने के पुख्ता सबूत मिले हैं जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के बिल्कुल खिलाफ हैं। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 7 अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक लगभग 20,000 बच्चों की मौत हो चुकी है और करीब 44,000 बच्चे घायल हुए हैं। इसके अलावा गाजा के 97% स्कूल और बच्चों के इलाज वाले 6 में से 5 अस्पताल पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report पर जा सकते हैं। आयोग के सदस्य Chris Sidoti ने भी जोर देकर कहा कि इन सभी मामलों में अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन हुआ है। दूसरी तरफ इस्राइल ने इन सभी बातों को मानने से साफ इनकार कर दिया और इस आयोग को देश की छवि खराब करने वाला एकतरफा संगठन बताया है।
यूनिसेफ की रिपोर्ट और राहत सामग्री का नुकसान
जिस दिन यह वीडियो दुनिया के सामने आया, उसी दिन UNICEF की तरफ से भी एक बहुत दुखद जानकारी साझा की गई। यूनिसेफ ने बताया कि पिछले 5 दिनों के भीतर कम से कम 4 बच्चों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। इसके साथ ही पीने के पानी की मुख्य सुविधाओं और खाने-पीने के सामान के गोदामों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे वहां रहने वाले आम लोगों का जीना और ज्यादा मुश्किल हो गया है। इस पूरी स्थिति पर नजर रखने वाले लोग और राहत एजेंसियां लगातार इस बात की मांग कर रही हैं कि आम नागरिकों और खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए तुरंत कड़े कदम उठाए जाने चाहिए ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।