गाजा के घायल बच्चों के लिए आई व्हीलचेयर अटकी, अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद भी एंट्री में हो रही देरी

गाजा में संघर्ष के दौरान घायल हुए बच्चों के लिए भेजी गई 900 से अधिक विशेष व्हीलचेयर पिछले लंबे समय से जॉर्डन के गोदामों में फंसी हुई हैं। ऑस्ट्रेलियाई चैरिटी संगठनों द्वारा दान की गई इन चिकित्सा उपकरणों को फरवरी 2025 और अक्टूबर 2025 से विभिन्न खेपों में रोका गया है, जिससे मानवीय सहायता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ये व्हीलचेयर विशेष रूप से खुरदरे इलाकों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं और बच्चों के बड़े होने के साथ-साथ एडजस्ट भी हो सकती हैं, जो उन बच्चों के लिए बेहद जरूरी हैं जिन्होंने अपने अंग खो दिए हैं या जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। UNICEF के आंकड़ों के अनुसार, गाजा में चल रहे संघर्ष के कारण 11,000 से अधिक बच्चों को लंबे समय तक चलने वाले पुनर्वास और चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है।
अधिकारियों का रुख और सुरक्षा के तर्क
इजरायली अधिकारियों ने, COGAT (Coordination of Government Activities in the Territories) के माध्यम से, इन व्हीलचेयर को "डुअल-यूज" (दोहरे उपयोग) वाली वस्तुओं की श्रेणी में रखा है, जिसका अर्थ है कि इनका इस्तेमाल सैन्य कार्यों में भी किया जा सकता है। हालांकि COGAT का यह भी कहना है कि उसने अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से हजारों व्हीलचेयर और 22,000 टन चिकित्सा उपकरण गाजा में प्रवेश करने की अनुमति दी है, लेकिन Gisha जैसे मानवाधिकार संगठनों का तर्क है कि 7 अक्टूबर 2023 से ही जरूरी सहायक उपकरणों पर बिना किसी ठोस कारण के प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। पैलेस्टीनियन ऑस्ट्रेलियन न्यू जीलैंड मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. अब्दुल्ला अल-बलावी और किड्स ऑन व्हील्स अलायंस के शॉकुएट मोसेल्माने का कहना है कि इन मेडिकल उपकरणों को रोकने के पीछे कोई भी वैध सुरक्षा कारण मौजूद नहीं है।
ताजा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रयास
सितंबर 2026 के आखिरी हफ्तों में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, व्हीलचेयर के दो कंटेनरों को जॉर्डन हाशेमियन चैरिटी संगठन द्वारा प्रोसेस कर लिया गया था और उन्हें ट्रकों के जरिए गाजा में भेजने की तैयारी की जा रही थी। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री ने भी सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है कि उनकी सरकार इजरायली अधिकारियों पर लगातार दबाव बना रही है ताकि सभी मानवीय सहायता बिना किसी रुकावट के गाजा तक पहुंच सके। आठ साल की लायन असलिया, जिनकी कहानी हाल ही में चर्चा में आई थी, उन्होंने भी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इन उपकरणों को तुरंत रिहा करने की अपील की है। पैलेस्टीनियन सेंटर फॉर Human Rights सहित कई अन्य संगठनों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के जरूरी सामानों को लगातार रोकना घायल आबादी के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है। इस पूरे मामले पर UK Government Official Source के जरिए विस्तृत जानकारी और अपडेट साझा किए गए हैं, जिसमें पूर्ण मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की मांग लगातार की जा रही है।