गाज़ा सिटी में इसराइली हमले में तीन लोगों की मौत, लगातार बढ़ रही है हिंसा और क्षेत्र में तनाव

Praggya Singh sabal31 August 20263 min read14 viewsWorld
गाज़ा सिटी में इसराइली हमले में तीन लोगों की मौत, लगातार बढ़ रही है हिंसा और क्षेत्र में तनाव

गाज़ा सिटी में 31 अगस्त 2026 को हुए एक इसराइली हमले में तीन बेकसूर लोगों की जान चली गई है। यह जानकारी अल जज़ीरा के संवाददाता हनी महमूद ने दी है, जिन्होंने बताया कि यह घातक हमला म्युनिसिपल पब्लिक पार्क के पास हुई भीड़भाड़ वाली जगह पर हुआ। इस इलाके में विस्थापित परिवार बड़ी संख्या में रह रहे थे और लगातार अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम का माहौल है और स्थानीय लोग डरे हुए हैं।

गाज़ा पट्टी में लगातार बढ़ रहा हमलों का दायरा

स्वास्थ्य अधिकारियों और मेडिक्स की तरफ से मिली ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इसराइली सैन्य कार्रवाइयों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान गाज़ा सिटी के तट पर इसराइली नौसेना की गोलीबारी में पांच मछुआरे गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन सभी घायलों को स्थानीय अस्पतालों में पहुंचाया जहां उनका इलाज चल रहा है। इसके अलावा बेत लाहिया में एक 16 साल के किशोर को इसराइली ड्रोन ने घायल कर दिया। खान यूनिस शहर में गोलीबारी और ड्रोन बमबारी की वजह से तीन अन्य फिलिस्तीनी नागरिक जख्मी हुए हैं।

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Hamad residential city में भी सैन्य वाहनों और ड्रोन्स की तरफ से भारी गोलीबारी की गई जिसमें दो लोग घायल हो गए। इसी जगह पर फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस के कर्मचारियों ने विस्थापित लोगों के दो तंबुओं में लगी आग को बड़ी मुश्किल से बुझाया। मध्य गाज़ा के डेर अल-बalah इलाके के पूर्व में तो स्थिति और भी ज्यादा खराब है जहां तोपखाने की गोलीबारी और सैन्य वाहनों की फायरिंग के बाद एक महिला की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

संघर्ष विराम के बावजूद जारी है हिंसा

ये सभी दिल दहला देने वाली घटनाएं उस समय हो रही हैं जब अक्टूबर 2025 में एक अमेरिका समर्थित संघर्ष विराम समझौता लागू किया गया था। हालांकि इस समझौते की बार-बार धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और यह टिक नहीं पाया है। गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस संघर्ष विराम के शुरू होने के बाद से अब तक 1,300 से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिकों की जान जा चुकी है। इसके अलावा WAFA की रिपोर्ट के मुताबिक 7 अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक कुल मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 73,456 पहुंच चुका है जबकि 174,496 लोग घायल हो चुके हैं।

Hamas ने इस बढ़ती हिंसा की कड़ी निंदा की है और इसराइल पर संघर्ष विराम तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। समूह का कहना है कि इस तरह की हरकतें शांति स्थापित करने के सभी प्रयासों को पूरी तरह से बर्बाद कर रही हैं। इससे पहले हमास ने वेस्ट बैंक में बढ़ते यहूदी बस्ती के हमलों की भी तीखी आलोचना की थी और इसे इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के नेतृत्व में चल रही एक बड़ी तबाही का हिस्सा बताया था।

यह सारा घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा 31 जुलाई 2026 को घोषित किए गए उस शांति प्लान के बाद सामने आया है जिसका मकसद क्षेत्र में सशस्त्र संगठनों को हथियार डालने के लिए मजबूर करना था। हालांकि 2 अगस्त 2026 को अल-कुद्स ब्रिगेड ने इस हथियार छोड़ने की योजना पर अपनी सहमति जताई थी और राष्ट्रपति ट्रंप ने भी 17 अगस्त 2026 को इसराइली हमलों को तुरंत रोकने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद ज़मीनी स्तर पर हिंसा और तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है और आम लोग लगातार इसका शिकार बन रहे हैं।

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