गजा सिटी में साल 2023 के हवाई हमले के मलबे से बचाव टीमों ने निकाले 55 शव.

गाजा के सिविल डिफेंस के बचाव दलों ने शनिवार, 5 सितंबर 2026 को गाजा सिटी के जैतून इलाके में मalka परिवार के घर के मलबे से 55 फिलिस्तीनियों के अवशेष बरामद किए हैं। यह दर्दनाक घटना उस मकान से जुड़ी है जो 19 नवंबर 2023 को हुए एक इजरायली हवाई हमले में पूरी तरह तबाह हो गया था। इस मकान में 60 से ज्यादा विस्थापित लोग शरण लिए हुए थे, जो उस भयानक हमले का शिकार बन गए थे। इस खोजबीन और बचाव अभियान से जुड़े हालात बहुत ज्यादा मुश्किलों से भरे हुए हैं, जिन्हें आम लोग और स्थानीय अधिकारी बेहद लाचारी के साथ देख रहे हैं।
भारी मशीनों की कमी और पहचान में आ रही दिक्कतें
इस पूरे रिकवरी प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे कर्नल मोहम्मद अबू दान ने जानकारी दी कि बचाव दल पिछले तीन दिनों से लगातार इस जगह पर तलाश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारी मशीनरी और विशेष उपकरणों की भारी कमी के कारण बचाव कार्य बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और मानवीय संगठनों से तुरंत मदद मुहैया कराने की अपील की है ताकि इस काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। इसके अलावा, सिविल डिफेंस के प्रवक्ता महमुद बस्सल ने बताया कि शवों में बहुत ज्यादा सड़न आ जाने की वजह से टीम को कई अवशेषों की पहचान करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े और सामूहिक अंतिम संस्कार
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार यह रिपोर्ट दे रहा है कि पूरे इलाके में हजारों फिलिस्तीनी अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जिससे मरने वालों की सही संख्या तय करना बहुत मुश्किल हो गया है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक कुल मरने वालों का आंकड़ा 73,651 तक पहुंच गया है और 174,575 लोग घायल बताए गए हैं। वहीं, 11 अक्टूबर 2023 के बाद से अब तक 1,334 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 4,429 लोग घायल हुए हैं, जबकि इस अवधि के दौरान 815 शव बरामद किए गए हैं। मalka परिवार के घर से निकाले गए पीड़ितों में अधिकारियों ने विशेष रूप से शाम जकारिया मलिका नाम की एक बच्ची की पहचान की है। बरामद किए गए इन सभी लोगों के लिए अगले हफ्ते की शुरुआत में एक सामूहिक अंतिम संस्कार जुलूस निकालने की योजना बनाई जा रही है। यह पूरी घटना उस चल रहे मानवीय संकट को दिखाती है जहाँ सिविल डिफेंस की टीमें उन जगहों तक पहुँचने के लिए संघर्ष कर रही हैं जो पूरी तरह से दुर्गम हो चुकी हैं।