Gaza Crisis: गाजा में बुनियादी ढांचा तबाह, जनरेटर किराए पर लेने को मजबूर हुए आम लोग.

गाजा में रहने वाले फलस्तीनी लोगों के सामने इस समय बहुत बड़ा आर्थिक और मानवीय संकट खड़ा हो गया है। घरों और बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर बर्बाद होने की वजह से आम लोगों को अपनी रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए घंटे के हिसाब से जनरेटर किराए पर लेना पड़ रहा है। हालात इतने ज्यादा खराब हो चुके हैं कि लोग अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी भारी कीमत चुकाने को मजबूर हैं।
बिजली और ईंधन की भारी किल्लत
अक्टूबर 2023 में इसराइल के सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद से ही गाजा में ग्रिड बिजली पूरी तरह से बंद पड़ी है। इसराइल ने बिजली की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी है और साथ ही ईंधन तथा इंजन ऑयल के आयात पर भी कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। जरूरी सामानों और स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी की वजह से कीमतों में आग लग गई है। संघर्ष शुरू होने से पहले इंजन ऑयल का एक लीटर मात्र 3 डॉलर में मिलता था, जिसकी कीमत अब बढ़कर आसमान छूते हुए 1,300 डॉलर तक पहुंच गई है।
लाखों लोग हुए बेघर और अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 सितंबर 2026 तक गाजा में 1.2 मिलियन यानी 12 लाख फलस्तीनी लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं। इसके अलावा 370,000 घरों को या तो आंशिक रूप से या फिर पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया गया है। यूके के विदेश सचिव ने 8 सितंबर 2026 को अपनी एक ओरल स्टेटमेंट में बताया था कि इस क्षेत्र के 60% से ज्यादा घर अब खंडहर में बदल चुके हैं। इस बारे में अधिक जानकारी UK Government Official Statement पर देखी जा सकती है। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधाएं भी बहुत ज्यादा दबाव में हैं क्योंकि स्पेयर पार्ट्स और इंजन ऑयल की भारी कमी की वजह से अस्पतालों के जनरेटर की देखरेख का समय 250 घंटे से बढ़ाकर 1,000 घंटे करना पड़ रहा है।
सैन्य अभियान और भुखमरी से बढ़ती मुश्किलें
यह संकट लगातार जारी सैन्य अभियानों की वजह से और ज्यादा गंभीर होता जा रहा है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 11 सितंबर 2026 को यह कंफर्म किया कि उन्होंने इसराइल डिफेंस फोर्सेस को गाजा सिटी में एक नए सैन्य अभियान के लिए अपनी तैयारियों को तेज करने का आदेश दे दिया है। दूसरी तरफ इंसानी दर्द लगातार बढ़ता जा रहा है। केवल 11 सितंबर को ही भुखमरी और कुपोषण की वजह से 10 लोगों की मौत की खबर सामने आई, जिससे भूख से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 313 हो गई है, जिसमें 119 बच्चे भी शामिल हैं।
मलबे को साफ करने में लग सकते हैं साढ़े सात साल
इसराइल की COGAT एजेंसी का दावा है कि वह जरूरी मेडिकल और जनरेटर के सामानों की निगरानी के साथ देश में एंट्री कोर्डिनेट कर रही है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय मेडिकल सूत्रों का यह कहना है कि इसराइल के अधिकारी अभी भी इन जरूरी सामानों के आने पर रोक लगा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक्सपर्ट फ्रांसेस्का अल्बानीज़ ने 7 सितंबर 2026 को चेतावनी देते हुए बताया कि गाजा में इस समय जो 61 मिलियन टन मलबा फैला हुआ है, उसे साफ करने में पूरे सात साल लग सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इस मलबे की वजह से संभावित अत्याचारों के अपराधों से जुड़े अहम सबूत भी नष्ट हो सकते हैं।