गाजा में फिर भड़की हिंसा, संघर्ष के दौरान फिलीस्तीनी इस्लामिक जिहाद का लड़ाकू ढेर और कई इलाकों में हमले तेज़।

Sushma Kumari4 September 20263 min read32 viewsWorld
गाजा में फिर भड़की हिंसा, संघर्ष के दौरान फिलीस्तीनी इस्लामिक जिहाद का लड़ाकू ढेर और कई इलाकों में हमले तेज़।

गाजा पट्टी में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हाल ही में हुई झड़पों में दोनों तरफ से भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। 4 सितंबर 2026 को फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के सशस्त्र विंग अल-कुड्स ब्रिगेड ने अपने एक लड़ाकू की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। इस लड़ाकू की पहचान फदी अली सईद अबाद्लेह के रूप में हुई है, जो दक्षिणी गाजा पट्टी में खान यूनिस के उत्तर में स्थित अल-काराला में हुई झड़प के दौरान मारा गया। संगठन के मुताबिक, उनके लड़ाकों ने बहुत करीब से इजरायली समर्थित बल का मुकाबला किया था और इस दौरान दुश्मन पक्ष को भी नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद इजरायली ड्रोन ने बीच में आकर अपने सैनिकों को सुरक्षित निकालने में मदद की थी।

गाजा और यरुशलम में सैन्य कार्रवाई तेज

फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी WAFA ने भी इस इलाके में इजरायली गोलीबारी की वजह से एक फिलिस्तीनी नागरिक की मौत और तीन लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। इसी दिन, पश्चिमी गाजा सिटी में एक अन्य गुप्त इजरायली विशेष अभियान के दौरान राहत कर्मियों को कवर के रूप में इस्तेमाल करने की खबर सामने आई है। इस ऑपरेशन में अल-अरबीद नाम के व्यक्ति को अगवा करने की कोशिश की गई और भारी झड़पें हुईं, जिसके बाद सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए 10 से ज्यादा इजरायली युद्धक विमानों ने हवा से मदद पहुंचाई। इसके अलावा, कब्जे वाले यरुशलम में दमिश्क गेट के पास इजरायली पुलिस ने एक फिलिस्तीनी को मार गिराया, जिसके बाद अल-अक्सा मस्जिद में लोगों के आने-जाने पर सख्त पाबंदियां लगा दी गईं।

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संयुक्त राष्ट्र की कड़ी चेतावनी और नए विवाद

संयुक्त राष्ट्र ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में दो फिलिस्तीनियों की हत्या पर कड़ी नाराजगी जताई है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफन दुजार्रिक ने चेतावनी दी है कि इजरायली settlers यानी बस्तियों के लोग फिलिस्तीनी नागरिकों पर हमलों के मामले में पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं। ये सारी घटनाएं 3 सितंबर 2026 को हुई कई हिंसक वारदातों के बाद सामने आई हैं। उस दिन उत्तरी गाजा में इजरायली सैनिकों पर गोलियां चलाई गई थीं, जिसके जवाब में इजरायली सेना ने हवाई حملे किए। इजरायली सेना (IDF) ने इस गोलीबारी को हमास के साथ हुए संघर्षविराम का खुला उल्लंघन बताया था।

उसी दिन इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने एक विवादित योजना पेश की, जिसके तहत अगले सात सालों में गाजा पट्टी से लगभग दो मिलियन यानी बीस लाख फिलिस्तीनियों को वहां से हटाने की बात कही गई है। इसके अलावा 3 सितंबर को हुए हमलों में पश्चिमी गाजा सिटी के रिमाल इलाके में ड्रोन हमले और बेत हनून तथा बेत लाहिया में हुई गोलीबारी में कम से कम तीन लोग मारे गए थे। इन तमाम घटनाओं के पीछे बयानों का दौर भी तेज है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने 1 सितंबर 2026 को साफ कहा था कि देश की नीति अब खतरों का इंतजार करने की नहीं है, बल्कि हमास के आतंकवादियों का पीछा करके उन्हें खत्म करने और उनके ढांचे को नेस्तनाबूद करने की है। यह बयान एक वरिष्ठ हमास अधिकारी के पकड़े जाने के बाद सामने आया था।

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