गाजा में संघर्ष के दौरान मरने वालों की संख्या 74 हजार के पार पहुंची, स्वास्थ्य केंद्रों पर हमले जारी
गाजा में संघर्ष संघर्ष जारी है और स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले हुए हैं। 74,498 लोग मारे गए हैं और 1.75 लाख से ज्यादा लोग घायलघायल हुए हैं।

गाजा: फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक गाजा में जारी संघर्ष के कारण मरने वालों की कुल संख्या 74,498 तक पहुंच गई है। 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 1,75,616 लोग घायल हो चुके हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान अस्पतालों में चार शव पहुंचे और 12 घायल लोगों का इलाज किया गया।
11 अक्टूबर 2025 को युद्धविराम लागू होने के बावजूद हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस तारीख के बाद से अब तक 1,538 लोगों की मौत हुई है और 5,498 लोग घायल हुए हैं। मलबे के नीचे से 841 शव निकाले गए हैं।
इलाके में मानवीय स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और युद्धविराम समझौते के उल्लंघन की खबरें आ रही हैं। बड़ी संख्या में पीड़ित मलबे या सड़कों पर फंसे हुए हैं, जहां आपातकालीन बचाव दल और एम्बुलेंस नहीं पहुंच पा रहे हैं।
गाजा में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। करीब 90 प्रतिशत नागरिक बुनियादी ढांचा तबाह हो चुका है और 82 प्रतिशत इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से दो-तिहाई पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं।
गाजा की लगभग 90 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो गई है। इनमें से 9,50,000 लोग ऐसे इलाकों में रह रहे हैं जहां बाढ़ का मध्यम से उच्च जोखिम बना हुआ है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी लगातार हमले हुए हैं। 7 अक्टूबर 2023 से 30 सितंबर 2026 के बीच फिलिस्तीनी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर कम से कम 3,508 हमले दर्ज किए गए, जिनमें से 95 प्रतिशत इजरायली बलों द्वारा किए गए। गाजा में इन हमलों से 459 स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हुए, 785 स्वास्थ्यकर्मी मारे गए और 399 को गिरफ्तार किया गया।
युद्धविराम की घोषणा के बाद 30 सितंबर 2026 तक गाजा में स्वास्थ्य सेवाओं पर 157 और हमले हुए, जिनमें से 92 प्रतिशत इजरायली बलों से जुड़े बताए गए। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, घायलों में से लगभग 24 प्रतिशत लोग ऐसी चोटों से जूझ रहे हैं जिनसे उनका जीवन बदल गया है।
UNRWA ने बताया कि 7 अक्टूबर 2023 से 9 अगस्त 2026 के बीच गाजा में उसके 393 कर्मचारी मारे गए। वहीं, फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने 15,000 से अधिक टेंट वितरित किए हैं और स्वास्थ्य व बीमारी रोकथाम कार्यक्रमों के जरिए 13 लाख से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंचाई है।