गाजा के डॉक्टर हुसाम अबू सफिया पर इस्रायली जेल में अत्याचार, वकीलों ने किया बड़ा खुलासा

उत्तरी गाजा के कमल अदवान अस्पताल के निदेशक Dr. Hussam Abu Safiya को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। वकीलों और मानवाधिकार संगठन Physicians for Human Rights Israel (PHRI) के अनुसार, इस डॉक्टर को इस्रायली जेल में लगातार यातनाएं दी जा रही हैं। वह बिना किसी आरोप या मुकदमे के दिसंबर 2024 से हिरासत में बंद हैं, जिससे मानवीय संकट और गहराता जा रहा है।
जेल के अंदर कैदियों पर हो रहा है टॉर्चर
बीते 30 अगस्त 2026 को हुई कानूनी मुलाकात के दौरान, Dr. Abu Safiya ने खुद अपने ऊपर हो रहे जुल्मों की दास्तान सुनाई। उन्होंने बताया कि इस्रायली जेल के गार्ड्स उन्हें हाथों, बूटों और डंडों से लगातार पीटते हैं। इन हमलों में उनके शरीर के संवेदनशील हिस्सों को खासकर निशाना बनाया जाता है। इसके अलावा, उन्हें सोने भी नहीं दिया जाता है। रात के समय जेल के पब्लिक एड्रेस सिस्टम से तेज आवाजें बजाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वे टूट जाएं।
पीड़ित डॉक्टर ने यह भी बताया कि जब उनसे मिलने उनके वकील आए थे, तो उसके तुरंत बाद गार्ड्स ने उन पर फिर से हमला किया। उन्हें कड़ी धमकी दी गई कि वे अपनी हिरासत की हालत के बारे में किसी को कुछ न बताएं। मानवाधिकार संगठन PHRI का कहना है कि ये सभी बातें इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि जेल प्रशासन कैदियों के साथ लगातार बुरा बर्ताव कर रहा है।
मेडिकल जांच में रुकावट और अदालती दखल
हाल ही में Dr. Abu Safiya को जेल के एक मेडिकल फेसिलिटी में ट्रांसफर कर दिया गया है। इसके बावजूद, Israel Prison Service (IPS) किसी भी स्वतंत्र डॉक्टर को उनसे मिलने और उनकी जांच करने नहीं दे रहा है। हालांकि, IPS ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वे किसी भी तरह की यातना, मारपीट, भूखा रखने या इलाज न देने के आरोपों में शामिल नहीं हैं। उनका दावा है कि जेल का कामकाज पूरी तरह से कानून के दायरे में और अदालती निगरानी के तहत चल रहा है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन आगे आए हैं। संयुक्त राष्ट्र यानी UN के विशेषज्ञों और Amnesty International जैसी संस्थाओं ने PHRI के सुर में सुर मिलाते हुए डॉक्टर को तुरंत रिहा करने की मांग की है। वहीं, इस मामले में इस्रायली सुप्रीम कोर्ट ने भी दखल दिया है। अदालत ने राज्य को आदेश दिया है कि वह 13 सितंबर 2026 तक यह स्पष्ट करे कि क्या सैन्य चीफ ऑफ स्टाफ ने उस याचिका पर विचार किया है या नहीं, जिसमें Dr. Abu Safiya सहित 14 हिरासत में बंद फिलिस्तीनी डॉक्टरों को छोड़ने की बात कही गई थी।