Gaza Drone Attack: इसराइल के ड्रोन हमले में गाजा में तीन किसानों की मौत, संघर्ष विराम के बीच बढ़ी हिंसा.

गाजा पट्टी के खान यूनिस इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां इसराइली ड्रोन हमले में तीन फिलिस्तीनी किसानों की जान चली गई। यह घटना 29 अगस्त 2026 को अल-काराश इलाके में हुई, जब ये लोग अपनी जमीन पर खेती का काम कर रहे थे। इस हमले के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में काफी डर का माहौल बना हुआ है।
नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स ने की पुष्टि
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों की पहचान लाफी फायेज लाफी आबदीन, तैसीर फायेज लाफी आबदीन और अब्दुल-हमीद मोहम्मद आबदीन के रूप में हुई है। नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स के अधिकारियों ने तीनों पुरुषों के शव मिलने की पुष्टि की है। हालांकि, इसराइली सेना ने इस मामले में बयान देते हुए कहा कि उन्हें इस तारीख को खान यूनिस इलाके में किसी भी तरह के हमले की कोई जानकारी नहीं है।
अन्य हमलों में लोग हुए घायल
खान यूनिस के पश्चिम में स्थित हमद सिटी में भी एक अलग घटना में इसराइली बलों की गोलीबारी से एक बच्चे समेत तीन अन्य फिलिस्तीनी लोग घायल हो गए। ये सभी घटनाएं ऐसे समय में हो रही हैं जब अक्टूबर 2025 से अमेरिका की मध्यस्थता में एक संघर्ष विराम लागू किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल 29 अगस्त के दिन इसराइली हवाई हमलों की वजह से पूरे गाजा में पांच लोगों की जान चली गई, जबकि वेस्ट बैंक में भी तीन अन्य लोग मारे गए।
वेस्ट बैंक और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
वेस्ट बैंक के जेनिन शहर में हुए एक अन्य इसराइली हमले को लेकर हमास ने कड़ी निंदा की है और इसे एक गंभीर अपराध बताया है। फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (PRCS) ने जानकारी दी कि उनके मेडिकल स्टाफ को जेनिन में घायल लोगों और शवों तक पहुंचने से रोका गया और उनके साथ मारपीट कर उपकरण भी जब्त किए गए। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष को लेकर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 29 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में एक नया सबूत दस्तावेज जमा किया, जिसमें इसराइल पर कानूनी रूप से बाध्यकारी आदेशों का पालन न करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, यूनाइटेड किंगडम ने भी गाजा संघर्ष विराम समन्वय केंद्र को लेकर इसराइल को चेतावनी दी है कि ब्रिटिश अधिकारियों को हटाने के किसी भी प्रयास से शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचेगा। अमेरिका में भी कांग्रेस सदस्य रशीदा तलीब ने इस सैन्य अभियान की कड़ी आलोचना की है।