गाजा में आटे की भारी कमी से बेकरियां बंद हो रही हैं और फंड घटने से लोगों तक नहीं पहुंच रहा खाना
गाजा में आटे की भारी कमी से बेकरियां बंद हो रही हैं और WFP ने फंड की कमी के कारण खाद्य सहायता में कटौती की है।

गाजा: गाजा में एक बार फिर अकाल का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। आटे की भारी किल्लत की वजह से यहां चल रही 17 कमर्शियल बेकरियों में से 10 को अपना उत्पादन बंद करना पड़ा है। गाजा में बेकरी मालिकों के एसोसिएशन के प्रमुख अब्देल नासिर अल-अजरामी ने 23 अक्टूबर 2026 को बताया कि इलाके में आटे का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है।
अल-अजरामी के मुताबिक, अगर जल्द ही नई सप्लाई नहीं पहुंची, तो बची हुई सात बेकरियां भी अगले 48 घंटों में बंद हो सकती हैं। इस संकट के बीच वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने भी फंड की कमी की बात कही है। एजेंसी ने 19 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि उसे खाद्य सहायता में करीब एक तिहाई की कटौती करनी पड़ी है, जिससे 5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
WFP ने इस स्थिति से निपटने के लिए फूड राशन को आधा कर दिया है। गाजा में रोजाना बनने वाले गर्म भोजन की संख्या 2.5 लाख से घटाकर 1.5 लाख कर दी गई है। जिन इलाकों तक पहुंचना मुश्किल है, वहां परिवारों को अब एक दिन छोड़कर गर्म भोजन मिल रहा है। मार्च 2027 तक अपना काम जारी रखने के लिए एजेंसी को 450 मिलियन डॉलर की जरूरत है।
यूरो-मेड ह्यूमन राइट्स मॉनिटर ने अकाल के खतरे को लेकर बार-बार चेतावनी दी है। संस्था ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने कमर्शियल डिलीवरी पर रोक लगाकर लोगों को जरूरी पोषण से वंचित किया है। इजरायली अधिकारियों ने 13 अक्टूबर 2026 को कमर्शियल सामानों की सप्लाई रोक दी थी। हालांकि 19 अक्टूबर को इसे आंशिक रूप से शुरू करने की बात कही गई, लेकिन शिपमेंट पर अब भी कड़े प्रतिबंध हैं। 23 अक्टूबर तक की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 दिनों से इलाके में आटा नहीं भेजा गया है।
आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 के युद्धविराम समझौते में रोजाना 600 सहायता ट्रकों के प्रवेश का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन असल में औसतन केवल 200 ट्रक ही अंदर आ पा रहे हैं। गाजा के सामाजिक विकास मंत्रालय ने इन प्रतिबंधों को एक बड़ी मानवीय तबाही की आहट बताया है।
यूनिसेफ ने जानकारी दी है कि अक्टूबर के दौरान पांच साल से कम उम्र के करीब 9,300 बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हुए हैं। इंटरनेशनल कमीशन टू सपोर्ट फिलिस्तीनियन राइट्स (ICSPR) ने भी खाद्य आपूर्ति श्रृंखला के बिगड़ने पर गहरी चिंता जताई है। हालात इतने खराब हैं कि लोग ब्रेड की घटती सप्लाई के लिए घंटों लंबी लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं।