गाजा के किसानों ने शुरू की नई पहल, युद्ध के बीच देसी बीजों को बचाने के लिए फिर से बनाया सीड बैंक।

गाजा के किसानों ने युद्ध और तबाही के बीच अपनी खेती को बचाने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संघर्ष में तबाह हुए पुराने सीड बैंक को दोबारा से बनाने का काम शुरू कर दिया गया है ताकि पुरानी और पारंपरिक फसलों के बीजों को सुरक्षित रखा जा सके। 3 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, किसानों ने मिलकर लगभग 32 स्थानीय बीज किस्मों को इकट्ठा कर लिया है। इन बीजों को अभी दीर अल-बलाह इलाके में एक अस्थाई तंबू के अंदर सुरक्षित रखा गया है। हालांकि, युद्ध शुरू होने से पहले उनके पास करीब 42 तरह की फसलें और 70 टन बीजों का बड़ा स्टॉक हुआ करता था, जिसके मुकाबले यह बहुत कम है।
साल 2017 में शुरू हुआ था बैंक
असली 'बैंक ऑफ सीड्स' की स्थापना साल 2017 में हुई थी। इसे 71 साल के किसान सलामा मुहन्ना अपनी 27 साल की बेटी हनादी मुहन्ना की मदद से चलाते थे। लेकिन अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद साल 2024 की शुरुआत में Qarara शहर में यह सीड बैंक पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) के कृषि इंजीनियर ओसामा अल-मुखालालती ने इस नई कोशिश को उम्मीद की एक किरण बताया है, भले ही यह कृषि क्षेत्र की भारी जरूरतों के मुकाबले बहुत छोटा प्रयास हो। खान यूनिस में नर्सरी चलाने वाले मुस्तफा अल-अस्तल ने बताया कि बाहर से बीज आने पर रोक और मदद मिलने में दिक्कत के चलते अब ये पारंपरिक बीज ही किसानों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन चुके हैं।
कृषि क्षेत्र को हुआ भारी नुकसान
गाजा के कृषि मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद अबू ओदा के अनुसार, इस इलाके के कृषि क्षेत्र का 98 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। मंत्रालय की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि दिसंबर के बाद से इजरायली सेना द्वारा किए गए हर्बिसाइड (खरपतवारनाशक) छिड़काव के कारण करीब 1.25 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। आईसीएआरसी की प्रवक्ता सुहाइर जक्कुत ने कहा कि इन रसायनों के सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को लेकर इजरायल के साथ लगातार बातचीत चल रही है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, स्थायी खेती की जमीन का 68 प्रतिशत हिस्सा अपनी सेहत और घनत्व के मामले में बहुत नीचे जा चुका है।
खाद्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय मदद
खाद्य और कृषि संगठन (FAO) की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि क्षेत्र को 2 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है और इसे दोबारा खड़ा करने में 4.2 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का खर्च आने का अनुमान है। लगभग 70 प्रतिशत ग्रीनहाउस और 95 प्रतिशत कृषि भूमि नष्ट हो चुकी है, जिसके बाद खेती के लायक केवल 4.6 प्रतिशत जमीन ही बचाई जा सकी है। युद्ध से पहले लगभग 560,000 लोग खेती और मछली पालन के काम से जुड़े थे। इस संकट के समय किसानों की मदद के लिए फलस्तीनी किसान संघ, नॉर्वेजियन पीपुल्स Aid, oPt मानवीय फंड, ऑक्सफैम, ESDC, क्रिश्चियन Aid और प्रकृति संरक्षण के लिए अरब समूह (APN) जैसे कई संगठन मिलकर काम कर रहे हैं। वर्तमान में किसानों को मिट्टी खराब होने, कुएं टूटने से पानी की कमी और तथाकथित 'येलो लाइन' के पास सुरक्षा संबंधी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जहां इजरायली सेना की मौजूदगी के कारण खेतों तक पहुंचना बहुत मुश्किल हो गया है। सीड बैंक के नष्ट होने और खेती की मौजूदा स्थिति पर इजरायली सेना की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।