गाजा में मदद में कटौती और सप्लाई बैन से बढ़ा खाद्य संकट, लाखों परिवारों के सामने भुखमरी का खतरा

Gautam Sahu21 October 20262 min read0 viewsWorld
गाजा में मदद में कटौती और सप्लाई बैन से बढ़ा खाद्य संकट, लाखों परिवारों के सामने भुखमरी का खतरा

गाजा: गाजा पट्टी में रहने वाले परिवारों के लिए खाने-पीने का संकट गहराता जा रहा है। कमर्शियल सप्लाई में रुकावट और मानवीय सहायता के लिए फंड की भारी कमी के कारण अब बच्चों के पोषण पर बुरा असर पड़ने लगा है।

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने 19 अक्टूबर 2026 को बताया कि उसे 5 लाख फिलिस्तीनियों के लिए खाद्य सहायता कम करनी पड़ी है। अब हर महीने मिलने वाली मदद का दायरा 16 लाख से घटाकर 11 लाख लोगों तक सीमित कर दिया गया है। एजेंसी ने मार्च 2027 तक अपना काम जारी रखने के लिए 450 मिलियन डॉलर की जरूरत बताई है।

फंड की कमी की वजह से राशन की मात्रा आधी कर दी गई है। साथ ही 75 हजार परिवारों को मिलने वाली नकद सहायता कम की गई है और रोजाना बांटे जाने वाले गर्म भोजन की संख्या 2.5 लाख से घटाकर 1.5 लाख कर दी गई है। WFP के एक्टिंग हेड कार्ल स्काउ ने हालात को बेहद क्रूर बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि 20 अक्टूबर 2026 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान संयुक्त राष्ट्र की टीमों पर हर दिन करीब 50 हमले हुए।

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इस संकट को इजरायली सेना द्वारा कमर्शियल सामान की शिपमेंट रोकने के फैसले ने और बढ़ा दिया है। मेडग्लोबल की 13 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2025 में बच्चों में गंभीर कुपोषण की दर 16.8% थी, जो जुलाई 2026 तक घटकर 8.4% रह गई थी। लेकिन अब सप्लाई बंद होने से यह सुधार फिर से खत्म हो सकता है।

यूनिसेफ के प्रवक्ता रिकार्डो पाइरेस ने 16 अक्टूबर 2026 को कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को और बिगड़ने से बचाने के लिए कमर्शियल और मानवीय कार्गो का लगातार आना बहुत जरूरी है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 से अब तक कुपोषण और भुखमरी से 466 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 157 बच्चे शामिल हैं।

मेडिकल रिकॉर्ड बताते हैं कि 2024 से अगस्त 2026 के बीच पांच साल से कम उम्र के बच्चों में कुपोषण के 1,58,001 मामले सामने आए, जिनमें से 28,716 मामले गंभीर श्रेणी के थे। फिलहाल गाजा की 67% आबादी, यानी करीब 14 लाख लोग, गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। WFP ने चेतावनी दी है कि 2026 के अंत तक यह आंकड़ा 90% तक पहुंच सकता है।

सर्दियों के करीब आने के साथ ही गाजा स्ट्रिप नगर पालिकाओं के संघ के डिप्टी हेड अलाउद्दीन अल-बट्टा ने 19 अक्टूबर को पर्यावरणीय और मानवीय आपदा की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि खान यूनिस जैसे विस्थापित बस्तियों में बाढ़ और ढांचागत अस्थिरता का खतरा बना हुआ है।

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