गाजा में गहराया भोजन संकट, महंगे ईंधन के कारण कम्युनिटी ओवन पर निर्भर हुए परिवार

Praggya Singh sabal24 September 20263 min read11 viewsWorld
गाजा में गहराया भोजन संकट, महंगे ईंधन के कारण कम्युनिटी ओवन पर निर्भर हुए परिवार

गाजा में रहने वाले फिलिस्तीनी परिवारों को इन दिनों भीषण खाद्य संकट का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि ईंधन और लकड़ी की भारी कमी और बढ़ती कीमतों के कारण घरों में खाना पकाना असंभव हो गया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए कम्युनिटी ओवन यानी सामुदायिक तंदूरों का सहारा लेने के लिए मजबूर हो गए हैं। आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए ब्रेड अब उनके रोजाना के भोजन का एकमात्र हिस्सा बनकर रह गया है, जिसे वे किसी तरह जुटा पा रहे हैं।

कम्युनिटी ओवन और माताओं का संघर्ष

बीते 22 सितंबर 2026 को, अल जजीरा की संवाददाता Maram Humaid ने गाजा की माताओं के कड़े संघर्ष को दुनिया के सामने रखा। रिपोर्ट में अज़ा आर्शौर जैसी माताओं का जिक्र किया गया, जो रोजाना अपने पांच बच्चों के लिए आटा गूंथती हैं और फिर उसे स्कूल शेल्टर में बने एक कम्युनिटी ओवन में पकाने के लिए ले जाती हैं। अज़ा आर्शौर ने बताया कि ब्रेड का सिर्फ एक टुकड़ा अक्सर उनके बच्चों के लिए नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात के खाने का काम करता है, जो बेहद दयनीय स्थिति को दर्शाता है।

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इस मुश्किल समय में जरूरतमंदों की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं आगे आई हैं। द इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस यानी ICRC इन सामुदायिक ओवन का समर्थन करने में अहम भूमिका निभा रही है। ICRC ने एन्क्लेव भर में 179 ऐसे स्थानों को बनाए रखा है, जिन्होंने जनवरी से जून 2026 के बीच लगभग 44,000 लोगों के लिए 9.2 मिलियन यानी 92 लाख ब्रेड के टुकड़े तैयार किए हैं। इसके बावजूद, जमीन पर मानवीय स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है।

संयुक्त राष्ट्र और राहत कार्यों की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र कार्यालय समन्वय मानवीय मामलों यानी OCHA ने 24 सितंबर 2026 को चेतावनी दी कि सीमित ईंधन आपूर्ति चिकित्सा, स्वच्छता और बचाव कार्यों सहित आवश्यक सेवाओं के लिए बड़ा खतरा बन गई है। हाल ही में क्षेत्र में 550,000 लीटर ईंधन की अनुमति दी गई थी, लेकिन OCHA ने स्पष्ट किया कि यह मात्रा न्यूनतम आवश्यकता से बहुत कम है। संस्था ने कतर से मिले ईंधन दान और हाल ही में आवंटित 2 मिलियन डॉलर के मानवीय फंड को केवल आपातकालीन और अस्थायी उपाय बताया है।

संकट के लंबा खिंचने के कारण संस्थाओं में चिंता लगातार बढ़ रही है। 23 सितंबर 2026 को, Caritas Internationalis और Caritas Middle East and North Africa ने बताया कि अक्टूबर 2025 में हुआ संघर्ष विराम लगातार 337 दिनों से रोजाना तोड़ा जा रहा है। इसके अलावा, फिलिस्तीनी कैबिनेट ने 22 सितंबर 2026 को चेतावनी दी कि राहत गतिविधियों में गिरावट और फंडिंग की कमी के चलते मानवीय हालात तेजी से बद से बदतर होते जा रहे हैं। इस संकट की पूरी जानकारी ReliefWeb Report और WHO PMNCH News पर उपलब्ध डेटा के अनुसार दी गई है।

आगामी सर्दियों और बारिश के मौसम की चिंता

भले ही जुलाई 2026 के दौरान कुछ सहायता संगठनों ने खाद्य सुरक्षा में मामूली सुधार दर्ज किया हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अभी भी बहुत नाजुक है। आने वाले दिनों में मानवीय एजेंसियां आगामी बारिश के मौसम को लेकर काफी चिंतित हैं, जो अस्थायी तंबुओं और क्षतिग्रस्त इमारतों में रह रहे लगभग 1 मिलियन यानी 10 लाख लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। बच्चों की मदद के लिए यूनिसेफ यानी UNICEF वर्तमान में सर्दियों की सहायता के वास्ते 97.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाने का प्रयास कर रहा है। वहीं, यूरोपीय संघ ने आवश्यक सेवाओं को बहाल करने में मदद के लिए 24 सितंबर 2026 को अपनी पहली 43 मिलियन यूरो की 'टीम गाजा' परियोजना की शुरुआत की है।

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