गजा स्वास्थ्य मंत्रालय का बड़ा ऐलान, पिछले 48 घंटों में हुए 17 लोगों की मौत और 27 घायल.

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने 5 सितंबर 2026 को जानकारी दी है कि पिछले 48 घंटों के दौरान पूरे गाजा पट्टी में 17 लोगों की जान चली गई है और 27 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस ताजा हिंसा और हमलों के पीछे इजरायली सेना की तरफ से लगातार की जा रही गोलीबारी और बमबारी मुख्य वजह है, जो तमाम संघर्ष विराम समझौतों के बावजूद अभी भी थमी नहीं है। आम लोगों की जिंदगी पर मंडरा रहे इस खतरे ने इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है और हर कोई अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहा है।
अब तक का कुल आंकड़ा और जमीनी हालात
गाजा मंत्रालय की तरफ से सामने आए इन नए आंकड़ों के जुड़ने के बाद मरने वालों की कुल संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। मंत्रालय के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक कम से कम 73,476 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 1,74,540 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, युद्धविराम खत्म होने के बाद 10 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए दौर में इजरायली हमलों में 1,340 फिलिस्तीनियों की जान गई है, जिनमें लगभग 315 बच्चे और 160 महिलाएं शामिल हैं। इस दौरान 4,429 लोग जख्मी भी हुए हैं। सिर्फ 29 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच ही 25 मौतें और 68 लोग घायल होने की पुष्टि की गई थी।
हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं में खान यूनिस में एक शुक्रवार को हुए हमले में दो फिलिस्तीनी मारे गए थे और एक तीन साल की बच्ची के सिर में गंभीर चोट आई थी। इसके अलावा शनिवार को गाजा शहर के उत्तर-पश्चिम में स्थित सुदानिया इलाके में एक बच्चे को भी मध्यम चोटें आईं। गाजा सिविल डिफेंस की टीमें मलबे से शवों को निकालने का काम लगातार कर रही हैं, जिसमें नुसीरत शरणार्थी शिविर में बमबारी से तबाह हुई छह मंजिला इंजीनियर्स टॉवर की साइट भी शामिल है।
मंत्रियों के बयान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इजरायली मंत्रियों इस्राइल काट्ज़ और इतामार बेन-गवीर के बयानों के बाद तनाव और ज्यादा बढ़ गया है, जिसमें उन्होंने गाजा से फिलिस्तीनियों के स्वैच्छिक पलायन की योजना पर बात की थी। वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच ने भी कहा था कि वह चाहते हैं कि गाजा खंडहर के रूप में ही रहे ताकि वह एक चेतावनी बना रहे, और उन्होंने दावा किया कि इस समय इजरायल का इलाके के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण है। इस बात का जवाब देते हुए हमास के प्रवक्ता हाज़ेम कासिम ने अरब और मुस्लिम देशों से अपील की है कि वे इन विस्थापन प्रस्तावों के खिलाफ मिलकर कदम उठाएं।
दूसरी तरफ, अमेरिका सरकार ने 5 सितंबर 2026 को अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा कि वाशिंगटन गाजा से फिलिस्तीनियों को जबरन बाहर निकालने या ट्रांसफर करने का समर्थन नहीं करता है, और उनका पूरा जोर हथियारों को हटाने और स्थिरता बनाए रखने पर है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) की तरफ से उसी दिन जारी एक नई रिपोर्ट में बताया गया कि इजरायल के वेस्ट बैंक में चलाए गए 'ऑपरेशन आयरन वॉल' के दौरान 102 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें 21 बच्चे भी शामिल थे। साथ ही रिपोर्ट में फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविरों के अंदर लगातार हो रहे जबरन विस्थापन को लेकर भी चेतावनी दी गई है।