गाजा में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, कोई भी अस्पताल पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा

गाजा में स्वास्थ्य प्रणाली पूरी तरह चरमरा गई है। कोई भी अस्पताल पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है और हजारों मरीजों को बाहर भेजने की जरूरत है।

Gautam Sahu30 October 20262 min read0 viewsWorld
गाजा में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, कोई भी अस्पताल पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा

गाजा: गाजा पट्टी में स्वास्थ्य प्रणाली पूरी तरह से चरमरा गई है और यहां की चिकित्सा सुविधाएं तबाह हो चुकी हैं। 30 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों के मुताबिक, क्षेत्र का एक भी अस्पताल वर्तमान में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दवाओं और उपकरणों की भारी कमी के साथ-साथ चिकित्सा आपूर्ति में लगातार आ रही बाधाओं ने बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं देना लगभग असंभव बना दिया है। संघर्ष से पहले यहां 38 अस्पताल काम कर रहे थे, लेकिन गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय और फिजिशियन फॉर ह्यूमन राइट्स-इजराइल के आंकड़ों के मुताबिक अब केवल 20 सुविधाएं ही आंशिक रूप से चालू हैं।

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने 29 अक्टूबर 2026 को बताया कि 21,468 मरीजों को तत्काल बाहर भेजने की जरूरत है, जिनमें 6,430 प्राथमिकता वाले मामले शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि सीमा बंदी और निकासी प्रक्रियाओं में देरी की वजह से कई मरीजों की मौत हो गई है। साथ ही, 1.74 लाख से अधिक घायल लोगों को जटिल सर्जरी की जरूरत है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है।

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सेव द चिल्ड्रन और 100 से अधिक अन्य संगठनों ने 29 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि 10 अक्टूबर 2025 से लागू युद्धविराम समझौता केवल नाम मात्र का रह गया है। WHO ने दर्ज किया है कि जनवरी 2026 से स्वास्थ्य सुविधाओं पर 45 हमले हुए, जबकि युद्धविराम के बाद के सात महीनों में 143 और हमले दर्ज किए गए। मानवीय एजेंसियों के मुताबिक, इस अवधि के दौरान कम से कम 880 लोग मारे गए और 2,600 घायल हुए हैं।

जरूरी सामानों पर पाबंदियों ने संकट को और बढ़ा दिया है। 22 अक्टूबर 2026 को इंटरनेशनल डेवलपमेंट एजेंसीज एसोसिएशन और फिलिस्तीनी गैर-सरकारी नेटवर्क ने चेतावनी दी कि इंजन ऑयल पर इजरायली प्रतिबंधों के कारण जीवन रक्षक सेवाएं पूरी तरह विफल होने की कगार पर हैं क्योंकि स्टॉक खत्म हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 94 प्रतिशत अस्पताल क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुके हैं। इन रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायली सेना मानवीय सहायता के प्रवेश में बाधा डाल रही है, जबकि चौथे जिनेवा कन्वेंशन के तहत कब्जा करने वाली शक्तियों के लिए अस्पतालों का रखरखाव और चिकित्सा आपूर्ति सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

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