गाजा में 105 फलस्तीनियों के शवों का हुआ सामूहिक अंतिम संस्कार

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच गाजा से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। गाजा में एक बार फिर मातम का माहौल है क्योंकि लोगों ने उन 105 लोगों को अंतिम विदाई दी जिनके अवशेष हाल ही में मलबे से बरामद किए गए थे। यह दर्दनाक घटना अक्टूबर 2023 में हुई एक भीषण बमबारी से जुड़ी है, जिसके निशान आज भी वहां के लोगों के दिलों और खंडहरों पर ताजा हैं।
17 दिनों तक चला तलाश का अभियान
गाजा सिटी के अल-ताज इलाके में आवासीय इमारतों के मलबे से शवों को निकालने का यह अभियान बेहद कठिन परिस्थितियों में पूरा हुआ। गाजा सिविल डिफेंस की टीमों ने मिस्र और इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) के सहयोग से लगातार 17 दिनों तक यह खोज अभियान चलाया। अक्टूबर 2023 के अंत में हुए एक हवाई हमले में कई रिहाइशें मलबे का ढेर बन गई थीं। लंबे समय से पीड़ित परिवार भारी मशीनों की मदद से अपनों के अवशेष तलाशने की गुहार लगा रहे थे।
बच्चों और महिलाओं की बड़ी संख्या
बरामद किए गए 105 शवों में बड़ी संख्या मासूम बच्चों और महिलाओं की है। स्थानीय अधिकारियों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें दर्जनों महिलाएं और बच्चे शामिल थे, जिनकी जान उस भयानक हमले में चली गई थी। इस सामूहिक अंतिम संस्कार ने एक बार फिर संघर्ष की विभीषिका को पूरी दुनिया के सामने ला खड़ा किया है।
गंभीर मानवीय संकट और स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल
इस बीच, गाजा में हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और राहत एजेंसियों के अनुसार, चिकित्सा क्षेत्र लगभग पतन की कगार पर है। ईंधन और जरूरी मेडिकल सप्लाई की भारी कमी के कारण अस्पताल न्यूनतम क्षमता पर काम कर रहे हैं। जीवन रक्षक उपकरणों और पानी के पंपों को चलाने के लिए जरूरी उपकरणों पर लगी पाबंदियों के कारण मानवीय संकट गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य राहत संगठनों का कहना है कि अधिकांश आबादी को आश्रय और बुनियादी सहायता की सख्त जरूरत है, ताकि किसी तरह मानवीय आपदा को और बढ़ने से रोका जा सके।