ईंधन की भारी कमी से गाजा के अस्पतालों में जनरेटर ठप होने का खतरा स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की चेतावनी

गाजा: गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ईंधन और तेल की भारी कमी के कारण पूरी पट्टी के अस्पतालों में लगे जनरेटर किसी भी समय पूरी तरह खराब हो सकते हैं। मंत्रालय के मुताबिक यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ा संकट बन गई है।
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 14 अक्टूबर 2026 तक कुल 116 जनरेटरों में से 68 पहले ही काम करना बंद कर चुके हैं। इसके अलावा आठ अन्य जनरेटरों को तुरंत मरम्मत की जरूरत है, लेकिन स्पेयर पार्ट्स न होने की वजह से उनका काम नहीं हो पा रहा है।
जो जनरेटर अभी चल रहे हैं, वे भारी दबाव में काम कर रहे हैं। इनसे इनक्यूबेटर्स, रेडियोलॉजी, प्रयोगशालाओं और सर्जरी वार्डों जैसे जरूरी विभागों को बिजली देने की कोशिश की जा रही है।
नुसेइरात स्थित अल-अवदा हेल्थ एंड कम्युनिटी कॉम्प्लेक्स में उपकरणों की बार-बार खराबी के कारण 7 अक्टूबर 2026 से लगभग सभी सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
अस्पतालों के महानिदेशक डॉ. मोहम्मद ज़कौत ने बताया कि गाजा की ऑपरेशन सुविधाओं को चलाने के लिए हर महीने 94,000 लीटर डीजल और 2,500 लीटर इंजन ऑयल की जरूरत होती है। हालांकि, आयात पर लगी पाबंदियों की वजह से यह आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पा रही है।
फंडिंग की कमी ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। इसी वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सितंबर 2026 में 20 से अधिक केंद्रों को ईंधन देना बंद करना पड़ा।
मेडिकल रिलीफ सोसाइटी के मोहम्मद अबू अफ़ाश ने 18 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य प्रणाली के पूरी तरह ढहने की चेतावनी दी थी। वहीं हेल्थ इंफॉर्मेशन सेंटर के अधिकारियों ने इस स्थिति को बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य नरसंहार बताया है।