Gaza Crisis: गाजा के अस्पतालों में ईंधन खत्म, स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से हुई तबाह.

गाजा पट्टी में ईंधन की गंभीर कमी के कारण वहां की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पूरी तरह से ढोने की कगार पर पहुँच चुकी है। 20 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, केंद्रीय गाजा में स्थित अल-अक्सा अस्पताल के जनरेटर खतरे में आ चुके हैं, जो वहां के जरूरी मेडिकल उपकरणों और रेफ्रिजरेशन को चलाते हैं। खान यूनिस में स्थित कुवैत स्पेशलिटी अस्पताल ने भी 20 सितंबर को ईंधन पूरी तरह खत्म होने की वजह से इमरजेंसी देखभाल को छोड़कर बाकी सभी विभागों में कामकाज बंद कर दिया है। इस बड़े संकट के कारण हर दिन हजारों आम नागरिकों को जरूरी इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी और गंभीर हालात
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि 16 सितंबर तक लगभग 70 प्रतिशत अस्पताल के बिजली जनरेटर ईंधन, इंजन ऑयल और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण पहले ही बंद हो चुके थे। मंत्रालय के अधिकारी जाहेर अल-वाहिदी ने इस पूरी स्थिति को स्वास्थ्य का नरसंहार बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जीवन बचाने वाले विभाग किसी भी समय पूरी तरह से काम करना बंद कर सकते हैं। यह चिंताएं उस समय और बढ़ गईं जब 14 सितंबर को गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के निदेशक-जनरल मुनीर अल-बुरश ने घोषणा की कि World Health Organization (WHO) ने फंडिंग की कमी के चलते 19 सितंबर से 20 से अधिक अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को डीजल देना बंद कर दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और कतर का बड़ा कदम
WHO के अनुसार, ईंधन की आपूर्ति रोकने का यह फैसला ऐसे समय में आया जब दक्षिणी गाजा की सुविधाओं को दी जाने वाली पिछली आपूर्ति केवल लगभग 24 घंटे तक ही काम चलाने के लिए पर्याप्त थी। संयुक्त राष्ट्र के मध्य प्रदेश शांति प्रक्रिया के विशेष समन्वयक ने 11 सितंबर को पहले ही चेतावनी दी थी कि 32 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं इस ईंधन पर निर्भर थीं। इससे नवजात आईसीयू में पल रहे 113 बच्चों, 100 आईसीयू मरीजों और 658 हीमोडायलिसिस मरीजों की जान पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। इस संकट को कम करने के लिए, कतर सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के साथ 17 सितंबर को एक समझौता किया जिसके तहत क्षेत्र में लगभग 1.3 मिलियन लीटर ईंधन पहुँचाया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी कतर मंत्रालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
मेडिकल संगठनों के प्रयास और संघर्ष का असर
इन तमाम मुश्किल हालातों के बीच, डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर यानी MSF ने अल-अक्सा जैसे अस्पतालों पर दबाव कम करने के लिए दीर अल-बलाह में एक फील्ड अस्पताल बनाया है, हालांकि संगठन का मानना है कि ऐसे कदम आखिरी उपाय होते हैं। अक्टूबर 2023 से चल रहे इस संघर्ष के कारण अब तक 73,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 174,000 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा गाजा का लगभग 90 प्रतिशत बुनियादी ढांचा नष्ट हो चुका है, जिससे मानवीय सहायता पहुँचाना और मेडिकल स्टाफ का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया है। इस बारे में अधिक और विस्तृत जानकारी WHO की आधिकारिक रिपोर्ट में पढ़ी जा सकती है।