गाजा में गहराया मानवीय संकट, मलबे के नीचे दबे हजारों शवों को निकालने के लिए भारी मशीनों की कमी.

Praggya Singh sabal5 September 20262 min read22 viewsWorld
गाजा में गहराया मानवीय संकट, मलबे के नीचे दबे हजारों शवों को निकालने के लिए भारी मशीनों की कमी.

गाजा मीडिया कार्यालय ने 5 सितंबर 2026 को गाजा पट्टी में मलबे के नीचे दबे हजारों शवों को लेकर एक अभूतपूर्व मानवीय संकट की घोषणा की है। इस गंभीर स्थिति को लेकर जनरल डायरेक्टर इस्माइल अल-थवाबता ने चेतावनी दी है कि यह संकट स्थानीय बचाव क्षमताओं से बहुत आगे निकल चुका है। गाजा में जारी इजरायली नाकेबंदी के कारण आवश्यक भारी मशीनरी और उपकरणों का प्रवेश प्रतिबंधित है, जिसकी वजह से राहत कार्यों में भारी बाधा आ रही है।

बचाव कार्यों में आ रही भारी रुकावट

अक्टूबर 2025 में एक संघर्षविराम लागू हुआ था जिसका उद्देश्य रिकवरी उपकरणों के आने को आसान बनाना था, लेकिन फिलिस्तीनी अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार ऐसी जरूरी आपूर्ति अभी तक क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाई है। फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस लगातार बचाव अभियान चला रहा है और इसी क्रम में उन्होंने 5 सितंबर 2026 को गाजा सिटी में मलबे से 55 शवों को बाहर निकाला। ये सभी शव एक ही बड़े परिवार के सदस्यों के थे। इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस यानी आईसीआरसी ने इन अभियानों का समर्थन किया है और लापता लोगों का पता लगाने को मानवीय रूप से बेहद जरूरी बताया है।

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राजनीतिक तनाव और विस्थापन का मुद्दा

गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच राजनीतिक तनाव भी काफी बढ़ गया है। 4 सितंबर 2026 को इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने फिलिस्तीनियों के लिए सात साल की स्वैच्छिक पलायन योजना का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने भी किया। इसके जवाब में हमास ने 5 सितंबर 2026 को अरब और मुस्लिम देशों से अपील की कि वे इस बेहद खतरनाक विकास का विरोध करें। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश विभाग और इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने गाजा से फिलिस्तीनियों के किसी भी जबरन विस्थापन के खिलाफ अपना विरोध फिर से दोहराया है।

बुनियादी ढांचे की स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय मिशन

5 सितंबर 2026 को सामने आई अन्य रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सेना ने सुबह के समय गाजा सिटी के पास गोलाबारी और भारी गोलीबारी की। इस दौरान गोलीबारी से एक बच्चा घायल हो गया और रिहायशी घरों को विस्फोटक उपकरणों से निशाना बनाया गया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में truce शुरू होने के बाद से इजरायली गोलीबारी से 1,300 से अधिक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।

क्षेत्र में बुनियादी ढांचा और मानवीय स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। यूनिसेफ के अनुमान के मुताबिक, गाजा का 90 प्रतिशत पानी और स्वच्छता बुनियादी ढांचा नष्ट हो चुका है, जिससे 82 प्रतिशत से अधिक परिवार पानी की कमी से जूझ रहे हैं। इस नाकेबंदी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फ्रीडम फ्लोटिला कोएलाशन ने 5 सितंबर 2026 को घोषणा की कि वह मौजूदा प्रतिबंधों को चुनौती देने के लिए अक्टूबर में गाजा के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय मिशन की शुरुआत करेगा।

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