गाजा में कमर्शियल शिपमेंट रुकने से जरूरी चीजों के दाम बढ़े और भुखमरी से अब तक 466 लोगों की जान गई

गाजा: गाजा में कमर्शियल शिपमेंट रुकने के कारण जरूरी सामानों की कीमतों में भारी उछाल आया है। शिपमेंट बंद हुए पांच दिन हो चुके हैं, जिससे आम लोगों के लिए बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। 15 अक्टूबर 2026 के आसपास से शुरू हुए इस बंद के बाद अंडे के एक कार्टन की कीमत 35 शेकेल से बढ़कर 60 से 70 शेकेल हो गई है।
बाजार में प्याज की कीमत 5-6 शेकेल प्रति किलोग्राम से बढ़कर 8-10 शेकेल हो गई है। वहीं, आटे की एक बोरी जो पहले 25-35 शेकेल में मिलती थी, अब करीब 80 शेकेल में बिक रही है।
इजरायली सैन्य एजेंसी COGAT ने बताया कि यह फैसला हमास द्वारा लगाए गए टैक्स की वजह से फिलिस्तीनी व्यापारियों द्वारा समन्वय रोकने के बाद लिया गया। COGAT के डिप्टी प्रवक्ता लेफ्टिनेंट डैनियल कांतोरोविच ने कहा कि अगर व्यापारी अनुरोध करते हैं, तो एजेंसी इस फैसले को वापस ले लेगी।
दूसरी ओर, गाजा के प्राइवेट ट्रकर्स यूनियन के प्रमुख नाहेद शेहेइबर ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इजरायली अधिकारियों ने प्रतिबंध लगाए हैं और गाजा के अर्थव्यवस्था मंत्रालय द्वारा ली जाने वाली फीस को सिर्फ एक बहाना बनाया जा रहा है।
हमास के सरकारी मीडिया कार्यालय ने स्पष्ट किया कि इजरायल जिस 10,000 शेकेल की बात कर रहा है, वह टैक्स नहीं बल्कि कमजोर परिवारों और राहत परियोजनाओं के लिए एक स्वैच्छिक सामुदायिक फंड है। उन्होंने बताया कि नकदी की भारी कमी के कारण नकद भुगतान जरूरी है।
इस संकट का असर जानलेवा साबित हो रहा है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2024 से अब तक गाजा में कुपोषण और भुखमरी की वजह से 466 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 157 बच्चे शामिल हैं। मंत्रालय का अनुमान है कि 2026 के अंत तक करीब 14 लाख लोग, जो कुल आबादी का 67 प्रतिशत हैं, गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय ने बताया कि सितंबर 2026 में खाद्य पदार्थों की कीमतें अक्टूबर 2023 के स्तर से 204 प्रतिशत ज्यादा थीं। वेस्टर्न एशिया के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग के यूसुफ चैतानी ने बताया कि 2023 के मुकाबले 2025 में गाजा की जीडीपी 84 प्रतिशत गिर गई।
आंकड़ों के मुताबिक, प्रति व्यक्ति जीडीपी गिरकर लगभग 161 डॉलर रह गई है और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र में बेरोजगारी दर 46 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम फिलहाल सीमा पर 310 मीट्रिक टन भोजन का स्टॉक जमा कर रहा है।
नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल ने जोर दिया है कि बिना चालू बाजारों के मानवीय सहायता पर्याप्त नहीं है। हमास ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों से मांग की है कि संकट को दूर करने के लिए रोजाना 600 ट्रकों के प्रवेश की सुविधा दी जाए, क्योंकि सर्दियों के कपड़ों और फलों की कमी बढ़ रही है।