गाजा की इस्लामिक यूनिवर्सिटी पर इजरायली ड्रोन हमले में मारे गए तीन कर्मचारियों का हुआ अंतिम संस्कार
गाजा की इस्लामिक यूनिवर्सिटी पर हुए इजरायली ड्रोन हमले में मारे गए तीन कर्मचारियों का अंतिम संस्कार किया गया।

गाजा सिटी: गाजा सिटी की इस्लामिक यूनिवर्सिटी पर हुए इजरायली ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले तीन फिलिस्तीनी प्रशासनिक कर्मचारियों का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
मारे गए कर्मचारियों की पहचान अशरफ दहलान, शादी अबू अतैया और समी बरूद के रूप में हुई है। अल-शिफा अस्पताल के चिकित्सा सूत्रों ने बताया कि उनके पास इन तीनों के शव पहुंचे थे। इसी हमले में आठ छात्र भी घायल हुए थे, जिनका अस्पताल में इलाज किया गया।
हमले के बाद इस्लामिक यूनिवर्सिटी ने अपनी गाजा शाखा में सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को तुरंत रोकने का ऐलान कर दिया है। गाजा के शिक्षा मंत्रालय ने इस हिंसा की निंदा की है। मंत्रालय के मुताबिक, इस संघर्ष के दौरान क्षेत्र के 95 प्रतिशत शैक्षणिक संस्थान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि पिछले छह दिनों के भीतर इजरायली गोलाबारी में 10 छात्रों और शिक्षकों की मौत हुई है। मंत्रालय ने इस मुद्दे पर वैश्विक चुप्पी पर नाराजगी जताई और कहा कि इससे हमलों को बढ़ावा मिलता है।
दूसरी ओर, इजरायली सेना ने शुरुआत में इन रिपोर्टों की जांच की बात कही थी। बाद में 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' को बताया गया कि इस हमले का लक्ष्य आतंकी गुर्गे थे और इस बारे में आगे की जानकारी भविष्य में दी जाएगी।
गाजा सिविल डिफेंस के प्रवक्ता महमूद बसल के मुताबिक, रविवार को गाजा पट्टी के अलग-अलग हिस्सों में हुए हवाई हमलों में कम से कम चार और लोगों की मौत हुई। इनमें खान यूनिस में दो, देयर अल-बलाह में एक और उत्तरी गाजा में एक व्यक्ति मारा गया। इस तरह 25 अक्टूबर को कुल सात लोगों की जान गई।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में युद्धविराम लागू होने के बाद से अब तक 1,551 लोग मारे गए हैं और 5,573 घायल हुए हैं। वहीं, 7 अक्टूबर 2023 को तनाव बढ़ने के बाद से कुल मरने वालों की संख्या 74,544 और घायलों की संख्या 1,75,692 तक पहुंच गई है।