Gaza Drone Attack: इसराइल के ड्रोन हमले में दो फिलिस्तीनी की मौत, सीजफायर के बाद भी जारी है हिंसा.

गाजा के अल-तुफाह इलाके में 22 सितंबर 2026 को इसराइल के एक कॉम्बैट ड्रोन हमले में दो फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह हमला मस्कट स्कूल के पास कुछ लोगों के एक समूह को निशाना बनाकर किया गया था। इस घटना के सामने आने के बाद हमास से जुड़े मीडिया आउटलेट्स ने इसकी पूरी जानकारी साझा की, हालांकि इस मामले पर इसराइली डिफेंस फोर्सेस यानी IDF की तरफ से रिपोर्ट लिखे जाने तक कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
गाजा के अस्पतालों में पहुंचे कई घायल लोग
बीते 24 घंटों के दौरान गाजा के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हिंसा जारी रही, जिसके चलते अस्पतालों में कई और पीड़ित पहुंचे। इस समयावधि में कुल 5 मृत फिलिस्तीनियों और 25 घायलों को गाजा के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पूरे दिन इसराइली नौसेना के जहाजों और तोपखाने इकाइयों ने गाजा के कई इलाकों में भारी गोलाबारी की, जिससे आम नागरिकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा और कई लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।
लागू है सीजफायर समझौता
यह तमाम हिंसा और हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब गाजा में पहले से ही एक सीजफायर समझौता 11 अक्टूबर 2025 से लागू है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस समझौते के शुरू होने के बाद से अब तक इसराइली सेना की कार्रवाई में कुल 1,399 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 4,863 लोग घायल हुए हैं। हमास के प्रवक्ता हाजेम कासिम ने इसराइल के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें संघर्ष विराम के उल्लंघन की बात कही जा रही थी। उन्होंने इसे तनाव बढ़ाने का एक बहाना बताया और कहा कि हमास अभी भी इस समझौते का पूरी तरह पालन कर रहा है, जबकि इसराइल लगातार इसका उल्लंघन कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा मुद्दा
संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UN General Assembly के दौरान दुनिया भर के नेताओं ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताई। जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने वैश्विक नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि वे इस संघर्ष को सुलझाने के बजाय केवल इसका प्रबंधन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गाजा सीजफायर के शुरुआती 300 दिनों के दौरान ही 300 फिलिस्तीनी बच्चों की मौत हो चुकी है। तुर्किए के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन ने भी इन घटनाओं की कड़ी निंदा की और बताया कि सीजफायर लागू होने के बाद से अब तक गाजा में 1,300 से ज्यादा आम नागरिक मारे जा चुके हैं।
विदेश मंत्रियों की संयुक्त बैठक
इस बीच तुर्किए, मिस्र, इंडोनेशिया, जॉर्डन, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र में एक साझा बयान जारी किया। उन्होंने गाजा के मौजूदा मानवीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसराइल से मांग की कि वह सीजफायर के सभी नियमों का पूरी तरह सम्मान करे और समझौतों का पालन करे।