Gaza News: इस्राइली ड्रोन हमले और सैन्य कार्रवाई में कई फिलिस्तानी नागरिकों की मौत, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी.

Sushma Kumari19 September 20262 min read19 viewsWorld
Gaza News: इस्राइली ड्रोन हमले और सैन्य कार्रवाई में कई फिलिस्तानी नागरिकों की मौत, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी.

गाजा पट्टी में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को इस्राइली सैन्य अभियानों और ड्रोन हमलों के कारण कई लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। इस हिंसक कार्रवाई में गाजा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक मुनीर अल-बुरश के बेटे बशीर अल-बुरश की भी मौत हो गई, जो उत्तरी गाजा में जबालिया शरणार्थी शिविर के पश्चिम में एक ड्रोन हमले की चपेट में आ गए थे।

विभिन्न इलाकों में हुए हमले और नुकसान

पूरे दिन गाजा के अलग-अलग हिस्सों में कई हिंसक घटनाएं सामने आईं। गाजा शहर के शेख रादवान इलाके में एक मोटरसाइकिल पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और एक बच्चे समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा गाजा शहर के पूर्व में स्थित शुजाईिया मोहल्ले में भी इस्राइली हमले में एक अन्य फिलिस्तानी मारा गया। मध्य गाजा के नुसीरात शरणार्थी शिविर के उत्तर में इस्राइली सैनिकों की गोलीबारी में घायल हुई एक लड़की ने भी दम तोड़ दिया।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इस्राइली सेना की तरफ से लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रही, जिसमें मगहाज़ी शरणार्थी शिविर के पूर्व में गोलीबारी, जबालिया क्षेत्र और खान यूनिस के दक्षिण-पश्चिम में अल-शाकूश में ड्रोन से बमबारी और वाहन से गोलीबारी शामिल है। इसके अलावा खान यूनिस और राफा के पास हेलीकॉप्टर से भी फायरिंग की गई। इस्राइली सेना ने बयान दिया कि उन्होंने कुछ सैन्य Operatives को निशाना बनाया था, लेकिन इस्राइल रक्षा बलों यानी IDF ने नागरिकों के हताहत होने पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की।

युद्धविराम समझौते का उल्लंघन और स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े

फिलिस्तानी चिकित्सा सूत्रों का कहना है कि यह सारी कार्रवाई अक्टूबर 2025 में हुए संघर्ष विराम समझौते का सीधा उल्लंघन है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में हुई इन घटनाओं को मिलाकर इस संघर्ष विराम के शुरू होने के बाद से अब तक कुल 1,386 फिलिस्तानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और 4,784 लोग घायल हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस पूरी स्थिति से आम लोगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है और राहत कार्यों में भी भारी बाधा आ रही है।

Share:

Comments

Leave a comment